रांची यूनिवर्सिटी द्वारा अपने अंतर्गत के 5 जिले (रांची, गुमला, खूंटी, सिमडेगा और लोहरदगा) में स्थित कॉलेजों के माध्यम से छात्रों को स्किल डेवलप करने की योजना का ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया गया है। इसके तहत हर साल 8000 छात्रों को विभिन्न कोर्सों के माध्यम से स्टार्टअप का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ताकि प्रशिक्षण के बाद रोजगार-स्व रोजगार को लेकर किसी तरह की परेशानी नहीं हो। स्किल डेवलप करने के लिए राष्ट्रीय कौशल विकास निगम ( एनएसडीसी) के माध्यम से कोर्स कराया जाएगा। रांची यूनिवर्सिटी द्वारा इसकी तैयारी लगभग पूरी की जा चुकी है। कागजी औपचारिकता शेष रह गई है। इसके लिए एनएसडीसी इंटरनेशनल के नेशनल हेड मयंक भटनागर और रीजनल हेड भावना वर्मा 20 और 21 जनवरी 2025 को रांची यूनिवर्सिटी में आ रही हैं। इस दौरान रांची यूनिवर्सिटी और एनएसडीसी के बीच समझौता ज्ञापन ( एमओयू) हस्ताक्षर किया जाएगा। एनएसडीसी इंटरनेशनल के प्रतिनिधि वैभव अग्रवाल ने रांची विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अजीत कुमार सिन्हा को एक पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी है। साथ ही एमओयू से संबंधित दस्तावेज तैयार रखने का आग्रह किया है। पूछा है कि आरयू की ओर से समझौते पर हस्ताक्षर किस अधिकारी द्वारा किया जाएगा। इस समझौते को लेकर आरयू प्रशासन उत्साहित है। एनएसडीसी से एमओयू करने का उद्देश्य स्किल डेवलप के लिए एनएसडीसी से एमओयू करने का मुख्य उद्देश्य छात्रों को रूचि के अनुसार कोर्स करना है। एनएसडीसी के पास कोर्सों की लंबी लिस्ट है। बताते चलें कि एनएसडीसी प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना ( पीएमकेवीवाई) के तहत कौशल भारत प्रमाणपत्र कार्यक्रम प्रदान करता है। डिमांड के अनुसार कोर्स का चयन, शीघ्र तैयार होगा प्रारूप एनएसडीसी संचालित कोर्सों में से रांची यूनिवर्सिटी द्वारा 56 तरह के कोर्सों का चयन किया गया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बताया कि छात्रों की डिमांड के अनुसार कोर्सों का चयन किया गया है। उदाहरण स्वरुप में लोहरदगा स्थिति कॉलेज में फीशरी से संबंधित कोर्स संचालित किए जाने की योजना है। जल्द ही यूनिवर्सिटी प्रशासन किस कॉलेज में कौन-कौन कोर्स संचालित किया जाएगा, जिसका प्रारूप शीघ्र तैयार कर लिया जाएगा। रांची के कॉलेज से शुरू होगा प्रोजेक्ट स्किल डेवलप करने के लिए राजधानी स्थित किसी कॉलेज में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट में 800 छात्रों को ट्रेनिंग दी जाएगी। हालांकि अभी कॉलेज का चयन नहीं किया गया है। डोरंडा कॉलेज, मारवाड़ी कॉलेज या वीमेंस कॉलेज में से किसी एक का चयन पायलट प्रोजेक्ट के लिए किया जा सकता है।


