हिमाचल में रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी:डॉक्टर राघव की बर्खास्तगी वापसी की मांग, CM की वापसी पर समाधान की उम्मीद

हिमाचल प्रदेश में रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल रविवार को तीसरे दिन भी जारी रही। आईजीएमसी (IGMC) शिमला में हुई मारपीट की घटना के बाद बर्खास्त किए गए डॉक्टर राघव निरुला की बहाली की मांग पर डॉक्टर अड़े हुए हैं। इस हड़ताल के कारण प्रदेश भर के मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। रविवार को भी डॉक्टर IGMC में धरने पर बैठे रहे और “वी वांट जस्टिस” के नारे लगाए। मरीजों की बढ़ी मुश्किलें, ऑपरेशन टले हड़ताल के चलते प्रदेश के बड़े अस्पतालों में ओपीडी (OPD) सेवाएं लगभग ठप हैं। नियमित ऑपरेशन (Surgeries) टाल दिए गए हैं, जिससे दूर-दराज से आए मरीजों को बिना इलाज के लौटना पड़ रहा है। वर्तमान में केवल आपातकालीन सेवाएं (Emergency Services) ही संचालित की जा रही हैं। गौरतलब है कि डॉक्टर राघव के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के विरोध में रेजिडेंट डॉक्टर शुक्रवार से ही अवकाश पर चले गए थे और शनिवार से उन्होंने पूर्ण हड़ताल शुरू कर दी। मुख्यमंत्री की बैठक से समाधान की उम्मीद फिल हाल पूरे प्रदेश में हालात गंभीर बने हुए हैं। सरकार और डॉक्टरों के बीच टकराव की स्थिति से आम जनता परेशान है। अब सबकी निगाहें मुख्यमंत्री की वापसी और संभावित बैठक पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि हड़ताल खत्म होगी या मरीजों की मुश्किलें और बढ़ेंगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के आज दिल्ली से लौटने की संभावना है। उम्मीद जताई जा रही है कि वे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और डॉक्टरों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर इस गतिरोध को सुलझाएंगे। यदि आज कोई समाधान नहीं निकला, तो सोमवार को स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक प्रभावित हो सकती हैं। क्या है पूरा मामला? ​

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *