कोटा के मशहूर हैंगिंग ब्रिज पर गौ रक्षक और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के काफिले को रोक लिया। ये कार्यकर्ता कोटा शहर में मृत गायों के निस्तारण की समस्या से बेहद नाराज थे। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम के ठेकेदार मृत गायों को बंदा धरमपुरा के पास खाली प्लॉट पर खुले में फेंक देते हैं। इतना ही नहीं, गायों को सड़कों पर घसीटकर ले जाया जाता है, जो न सिर्फ क्रूरता की हद है बल्कि हिंदू धर्म की पवित्र भावनाओं और सांस्कृतिक मूल्यों का घोर अपमान भी है। कार्यकर्ताओं ने बताया कि इस मुद्दे पर पहले भी नगर निगम और कलेक्ट्रेट के सामने जोरदार प्रदर्शन किए जा चुके हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। इसी वजह से उन्होंने वसुंधरा राजे को रोककर अपनी पीड़ा सुनाई और मांग की कि मृत गायों को खुले में डालने की बजाय धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार जमीन में दफनाया जाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए वसुंधरा राजे ने मौके पर ही पुलिस अधीक्षक और जिला कलेक्टर से फोन पर बात कर प्रशासनिक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हिंदू संस्कृति के साथ किसी भी तरह का अमानवीय खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान कुछ देर के लिए यातायात बाधित हुआ और जाम जैसी स्थिति बन गई। वसुंधरा राजे झालावाड़ से जयपुर की ओर जा रही थीं।


