सियासत:निकाय और पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण में कटौती का आरोप

आरक्षण कटौती पर कांग्रेस का हल्लाबोल सभी जिलों में धरना-प्रदर्शन, झूमाझटकी भी छत्तीसगढ़ में होने वाले नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण में की गई कटौती के विरोध में कांग्रेस ने बुधवार को प्रदेशभर में धरना-प्रदर्शन किया। कई जिलों में कांग्रेस ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया तो बिलासपुर में पुलिस और कांग्रेसियों के बीच झूमाझटकी भी हो गई। राजधानी रायपुर में शहर जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया।इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने हाथों में तख्ती लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। शहर अध्यक्ष गिरीश दुबे ने कहा कि केंद्र और राज्य में बैठी भाजपा सरकार संविधान विरोधी तो है ही लेकिन आज ओबीसी आरक्षण में कटौती कर उन्होंने यह साबित कर दिया कि वह आरक्षण विरोधी भी है। भाजपा सरकार दावा करती है कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार कार्य किया है लेकिन कोर्ट की गाइडलाइन में ओबीसी को मिलने वाले आरक्षण के मुताबिक निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में पिछड़ा वर्ग के लोगों को आरक्षण नहीं दिया गया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि भाजपा सरकार पिछड़ा वर्ग विरोधी है। 25 % सीटें ओबीसी के लिए होती थीं
पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि पहले प्रदेश में 16 जिला पंचायत और 85 जनपदों में 25 फीसदी सीटें ओबीसी के लिए आरक्षित होती थी। लेकिन अब अनुसूचित क्षेत्रों में यह खत्म हो गया है। भाजपा सरकार ने साजिश कर ओबीसी आरक्षण में कटौती की है। जिला और जनपद पंचायतों में ओबीसी का आरक्षण ही खत्म कर दिया गया है। 90% आबादी के बाद भी आरक्षण नहीं मिला
कांग्रेस का आरोप है कि मैदानी इलाकों में कई ऐसी ग्राम पंचायतें हैं। जहां 90 फीसदी से ज्यादा लोग ओबीसी वर्ग से आते हैं। सरपंच पद आरक्षित नहीं है। पंचों का आरक्षण भी जनसंख्या के हिसाब से बेहद कम है। पहले जो सीटें आेबीसी के लिए आरक्षित थी अब वो सामान्य हो गई है। बीजेपी जनरल सीटों पर ओबीसी को मौका देगी
​बढ़ते विवाद के बीच भाजपा ने स्पष्ट कहा है कि वह निकाय और पंचायत चुनाव में सामान्य सीटों पर भी ओबीसी कैंडिडेट को मौका देगी। भाजपा की ओर से कहा गया है कि अधिकतम 50 फीसदी तक ओबीसी को आरक्षण दिया जा सकता है। जबकि पहले 25 फीसदी तक की ही सीमा थी। भाजपा ने ओबीसी का आरक्षण बढ़ाया है। बाकी अन्य निकाय, नगर निगम, नगर पालिका सभी में ओबीसी वर्ग को नियमानुसार भागीदारी मिली है। आरक्षण: रायपुर, कोरबा व बीरगांव में सामान्य महिला महापौर प्रदेश में नगर निगमों में तय आरक्षण के मुताबिक रायगढ़ व रिसाली में अनुसूचित जाति वर्ग की महिला महापौर बनेंगी।अंबिकापुर में अनुसूचित जाति वर्ग का महापौर बनेगा। इसी तरह भिलाई, भिलाई-चरौदा, बिलासपुर व दुर्ग में ओबीसी वर्ग की महिला महापौर बनेंगी। सामान्य वर्ग की महिलाएं रायपुर, कोरबा व बीरगांव में महापौर बन सकेंगी। नगरीय प्रशासन की संयुक्त सचिव रेणुका श्रीवास्तव ने बुधवार को छत्तीसगढ़ राजपत्र में इसका प्रकाशन किया है। नगर पालिका और नगर पंचायतों में अध्यक्ष पदों का आरक्षण भी तय किया गया है।

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