सीजी बोर्ड के संबद्ध स्कूलों में 20 जनवरी से प्री-बोर्ड होगा। पहली बार प्रदेश के सरकारी स्कूलों में एक शेड्यूल के अनुसार यह परीक्षा होगी। लेकिन इसकी समय-सारणी को लेकर स्कूल प्रबंधन के साथ ही छात्र भी परेशान हैं। दरअसल, जिस समय ज्वाइंट एंट्रेस एग्जामिनेशन (जेईई) मेन आयोजित किया जाएगा उसी बीच प्री-बोर्ड होना है। इसी तरह 31 जनवरी तक दसवीं-बारहवीं का प्रैक्टिकल एग्जाम भी होगा। यह 10 जनवरी से शुरू है। इसे लेकर जानकारों का कहना है कि प्री-बोर्ड के शेड्यूल को देखकर यह कहा जा सकता है कि इसे जारी करने में हड़बड़ी की गई। यह ध्यान नहीं रखा गया कि जिस दौरान प्री-बोर्ड का आयोजन किया जाना है उस समय कौन सी महत्वपूर्ण परीक्षा है। प्री-बोर्ड की तारीख आगे बढ़ानी चाहिए। ताकि सभी छात्र इसमें शामिल हो सके। बीई और बीटेक के लिए जेईई मेन सेशन-1 की परीक्षा 22, 23, 24, 28 और 29 जनवरी को होगी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए की ओर से 28 अक्टूबर 2024 को ऑनलाइन आवेदन से संबंधित सूचना जारी की गई थी। इसमें परीक्षा की तारीख भी उल्लेख था। बताया गया था कि 22 जनवरी से 31 जनवरी 2025 के बीच परीक्षा होगी। इसी तरह छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की ओर से 14 नवंबर 2024 को प्रैक्टिकल एग्जाम के संबंध में सूचना जारी की गई थी। इसमें बताया गया था कि 10 जनवरी से 31 तक स्कूल स्तर पर यह परीक्षा होगी। जबकि प्री-बोर्ड के लिए लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से 5 दिसंबर को समय-सारणी जारी की गई। इसके अनुसार 20 से 29 तक यह परीक्षा होगी। शेड्यूल नहीं बदला तो नहीं दे पाएंगे प्री-बोर्ड
जेईई के बीच प्री-बोर्ड का शेड्यूल होने से छात्रों में नाराजगी है। उनका कहना है कि जेईई महत्वपूर्ण एग्जाम है। इसके आधार पर ही आईआईटी, एनआईटी समेत अन्य बड़े इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश का अवसर मिलेगा। इसे छोड़ नहीं सकते। वहीं बोर्ड परीक्षा की तैयारी को जांचने के लिहाज से प्री-बोर्ड भी जरूरी है। लेकिन इसमें तभी शामिल हो पाएंगे जब इसकी समय-सारणी बदलेगी। क्योंकि, प्री-बोर्ड के लिए जेईई को नहीं छोड़ा जा सकता है। स्कूलों में प्रैक्टिकल एग्जाम शुरू
दसवीं-बारहवीं के लिए स्कूल स्तर पर प्रैक्टिकल एग्जाम शुरू हो गया है। 20 से प्री-बोर्ड है। इसे ध्यान में रखते हुए अधिकांश स्कूल इस तारीख के पहले ही प्रायोगिक परीक्षा आयोजित करना चाह रहे हैं। लेकिन एक्सटर्नल एग्जामिनर से समय नहीं मिल रहा है। इससे स्कूलों की समस्या बढ़ी है। स्कूलों का कहना है कि पहले भी प्री-बोर्ड होता था, लेकिन यह जिला स्तर पर आयोजित किया जाता था। जिला शिक्षा विभाग से इसके लिए शेड्यूल जारी किया जाता था। इसमें इसका ध्यान रखा जाता था कि प्रैक्टिकल के बीच यह परीक्षा न हो। लेकिन इस बार की समय-सारणी से परेशानी बढ़ी है। इसे देखते हुए प्री-बोर्ड के समय में बदलाव होना चाहिए।


