देवास जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में उज्जैन रोड स्थित नायरा पेट्रोल पंप पर हुई लगभग दो लाख रुपए की लूट का पुलिस ने रविवार को सनसनीखेज खुलासा किया है। इस वारदात का मास्टरमाइंड पेट्रोल पंप का ही एक कर्मचारी निकला, जिसने प्रेम संबंध और पैसों की जरूरत के चलते लूट की साजिश रची थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी सूरज उर्फ सूरज परमार एक युवती से प्रेम करता था और उससे विवाह करने के लिए उसे पैसों की आवश्यकता थी। इसी आर्थिक दबाव और लालच के कारण उसने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई। संदेह पर पूछताछ में पकड़ा गया
यह घटना 13 दिसंबर 2025 की रात को हुई थी। पेट्रोल पंप का कैशियर आनंद कुशवाह दिनभर की बिक्री का लगभग 1,99,980 रुपए नकद लेकर रात करीब 11:30 बजे अपने घर जा रहा था। बीमा चौराहे के आगे बिना नंबर की मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवकों ने कैशियर को घेर लिया और उससे नकदी से भरा बैग छीनकर फरार हो गए। घटना के बाद सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज किया गया। देवास पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। जांच के दौरान पुलिस को पेट्रोल पंप के कर्मचारी सूरज पर संदेह हुआ, जिसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। चार आरोपी गिरफ्तार
पूछताछ में सूरज ने कबूल किया कि उसने अपने साथियों अरुण उर्फ करण, मोहित उर्फ कालिया और विकास उर्फ तेजा सोलंकी के साथ मिलकर इस लूट को अंजाम दिया था। चारों आरोपी उज्जैन से देवास आए थे और उन्होंने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने सभी चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके कब्जे से 1,16,700 रुपए नकद, घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल, लूटी गई रकम से खरीदा गया घरेलू सामान, एक काले रंग का बैग और अन्य दस्तावेज जब्त किए गए हैं। शेष रकम आरोपियों के बैंक खातों में होल्ड करा दी गई है।


