हरदा में विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) की दो दिवसीय प्रांतीय बैठक रविवार को सरस्वती विद्या मंदिर में हुई। इस बैठक में मध्य प्रांत के 32 जिलों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। विहिप ने केंद्र सरकार से बांग्लादेश में हिंदू समाज पर हो रहे हमलों को लेकर 1971 जैसी कार्रवाई करने की मांग की है। बैठक के दौरान संगठन की आगामी रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया। विभिन्न विषयों पर अलग-अलग सत्रों में चर्चा हुई। समापन सत्र में केंद्रीय मंत्री अजय पारीख ने कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन प्रदान किया और संगठन को मजबूत करने का मंत्र दिया। इस प्रांतीय बैठक में केंद्रीय प्रन्यासी मंडल की बैठक में पारित दो प्रमुख प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई। इनमें ‘देश में जिहादी चुनौतियां और उनका समाधान’ और ‘धार्मिक अल्पसंख्यक की योग्य एवं तार्किक परिभाषा करने की आवश्यकता’ शामिल थे। संगठनात्मक विषयों के अतिरिक्त, दो अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी गंभीरता से चर्चा हुई। इनमें राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ और मंदिरों की दान राशि व चल-अचल संपत्ति का उपयोग केवल हिंदू समाज के हित में करने का निर्णय शामिल है। आगामी कार्यक्रमों में 5 से 20 फरवरी तक धर्म रक्षा निधि समर्पण अभियान और 19 से 31 मार्च तक प्रत्येक समिति द्वारा श्री राम जन्मोत्सव का आयोजन शामिल है। मई-जून में बजरंग दल, मातृशक्ति, दुर्गावाहिनी और परिषद के प्रशिक्षण वर्गों की योजना भी बनाई गई है। बैठक में प्रांत कार्यसमिति, विभाग और 32 जिलों के जिला अध्यक्ष, जिला मंत्री, सह मंत्री, जिला कोषाध्यक्ष सहित लगभग 179 कार्यकर्ता उपस्थित रहे। उद्घाटन सत्र में पूज्य संत महंत हनुमान दास महाराज, संत भोजपाली बाबा, प्रांत अध्यक्ष के एल शर्मा, केंद्रीय मंत्री एवं क्षेत्र पालक अजय पारीख, प्रांत मंत्री नवल भदोरिया, प्रांत उपाध्यक्ष पप्पू वर्मा और प्रांत संगठन मंत्री सुरेंद्र सिंह सहित अन्य अपेक्षित कार्यकर्ता मौजूद थे। बैठक के समापन पर सभी को मां नर्मदा का जल वितरित किया गया।


