जूली फ्लोरा कटाई पर बवाल, ग्रामीणों का 8 घंटे धरना:किशोरपुरा में ग्रामीणों ने लकड़ी से भरे ट्रक को पकड़ा, प्रशासन की समझाइश के बाद खत्म हुआ धरना

कोटा ग्रामीण के सुल्तानपुर इलाके में वन क्षेत्र में जूली फ्लोरा उन्मूलन अभियान के तहत हो रही पेड़ों की कटाई को लेकर किशोरपुरा गांव में ग्रामीणों और भारतीय किसान संघ ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि जूली फ्लोरा कटाई के लिए जारी टेंडरों की आड़ में कई ठेकेदार तय क्षेत्र से बाहर भी अवैध रूप से पेड़ काट रहे हैं, जिससे जंगल तेजी से खत्म हो रहा है। इसी आक्रोश के चलते ग्रामीणों ने गांव में लकड़ी से भरे एक ट्रक को रोककर करीब आठ घंटे तक धरना दिया। सुल्तानपुर क्षेत्र के आटोन, कचनावदा और खुमला में जूली फ्लोरा उन्मूलन के लिए वन विभाग द्वारा टेंडर जारी किए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ ठेकेदार अतिरिक्त भूमि पर कटाई कर रहे हैं। शनिवार रात किशोरपुरा के ग्रामीणों ने जंगल से लकड़ी ले जा रहे एक ट्रक को रोका और चालक से पूछताछ की, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर ट्रक को वहीं रोक लिया। सूचना देने के बावजूद वन विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे नाराज ग्रामीण रविवार सुबह भारतीय किसान संघ जिला अध्यक्ष जगदीश कलमंडा और रामप्रसाद झाला के नेतृत्व में धरने पर बैठ गए।
किसान संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि अवैध कटाई से जंगल उजड़ रहे हैं और नीलगाय व जंगली सूअर जैसे वन्यजीव गांवों की ओर आकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। धरने की सूचना पर पहले सुल्तानपुर सीआई दौलतराम साहू पहुंचे, लेकिन बात नहीं बनी। बाद में नायब तहसीलदार और एसडीएम दीपक महावर मौके पर पहुंचे और जांच व कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब जाकर ग्रामीण शांत हुए। सीसीएफ सोनम जोहरिहार ने बताया कि कोटा प्रशासन के द्वारा किशोरपुरा ग्राम पंचायत के जाखड़ोंन गांव में चारागाह की जमीन पर जंगली बंबूल के पेड़ और झाड़िया काटने का टेंडर दिया गया था। ठेकेदार के द्वारा चारागाह के अलावा वन विभाग की भूमि पर भी पेड़ों को काटने की शिकायत मिली जिस पर पिछले महीने कार्रवाई करते हुए एक ट्रक पकड़ा था। इसकी शिकायत कोटा जिला कलेक्टर को भी लेटर लिखकर अधिकारियों ने दी थी लेकिन उसे पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई आज ग्रामीणों द्वारा पकड़े गए ट्रक की जांच की जाएगी कि वह कहां से पेड़ों को काटकर लेकर आए।

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