इंदौर में मंगलवार शाम 22 वर्षीय कॉलेज स्टूडेंट हिमांशु सोलंकी का पतंग के मांझे से गला कट गया। अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। उसके रिश्तेदार विनोद को भी आंख के पास चोट आई है। हादसे से शहरभर के लोग सहमे हुए हैं। खासकर वे लोग ज्यादा डरे हुए हैं, जो पहले कभी ऐसी घटनाओं के शिकार हो चुके हैं। इनमें से एक रीना वर्मा ने 25 दिन पहले अपने साथ हुई घटना को लेकर कहा- उस दिन गला कटते ही लगा कि जान ही चली जाएगी। रणजीत हनुमान की कृपा से बच गई। पति ने तो इस डर से बाइक पर तार लगवा लिए कि कहीं फिर ऐसा हादसा न हो जाए। इसी तरह, 15 साल के मोहम्मद फैज के चेहरे पर भी डर दिखाई दिया। उन्होंने हादसे के दिन को याद कर कहा कि चायनीज मांझे पर सही तरीके से प्रतिबंध लगना चाहिए। पढ़िए, रिपोर्ट… अचानक गले पर आ लगा चायनीज मांझा
इंदौर एयरपोर्ट के नजदीक रहने वाली रीना वर्मा ने बताया- 21 दिसंबर को रणजीत हनुमान मंदिर में जन्मोत्सव पर्व मनाया जा रहा था। उसी में शामिल होने मैं पति विकास वर्मा के साथ मंदिर जा रही थी। करीब 6 बजे होंगे। छोटा बांगड़दा स्थित घर से आधे रास्ते पहुंचे थे, तभी छत्रीपुरा और महू नाका के बीच 12 भाई रोड पर एक पतंग कटकर आई। पति के कान को छूते हुए चायनीज मांझा मेरे गले पर आ गया। गला कटते ही खून बहने लगा। रीना ने कहा कि चायनीज मांझा बेचने और खरीदने वालों पर कलेक्टर को कड़ी कार्रवाई करना चाहिए। इससे कई लोगों की जान जा चुकी है। कई जगह पर पुलिस से साठगांठ करके चायनीज मांझा बेचा जा रहा है। वे बोलीं- हादसे को एक महीना होने को आया है। अभी तक उबर नहीं पाई हूं। पिछले हफ्ते ही टांके कटे हैं। अभी भी खाने में दिक्कत है। लगातार बुखार बना हुआ है। डॉक्टरों का कहना है कि कुछ दिन में सबकुछ ठीक हो जाएगा। खून की पिचकारी निकल पड़ी
रीना के पति विकास वर्मा ने कहा- हादसे के वक्त पत्नी के गले से खून की पिचकारी निकल रही थी। मैं तो उम्मीद ही छोड़ चुका था। ऑटो में बैठाकर अस्पताल ले गया। यहां डॉक्टरों ने भी पहले तो असमर्थता जताई लेकिन हमारे आग्रह पर इलाज शुरू किया। डॉक्टरों ने 12 टांके लगाए, तब तक पत्नी चीखती रही। बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था। सभी परिजन भगवान से प्रार्थना कर रहे थे। 15 साल के फैज के सिर पर कट लगा
1 जनवरी को पिताजी के लिए खाना लेकर जा रहे 15 साल के मोहम्मद फैज के सिर पर जूनी इंदौर ब्रिज पर चायना डोर आ लगी। फैज लहूलुहान होकर वहीं गिर गया। उसने जैसे-तैसे मोबाइल निकालकर पिता बाबूभाई को फोन लगाया। वे सब काम छोड़कर तत्काल बेटे के पास पहुंचे और उसे डॉ. आसिफ के पास ले गए। डॉ. आसिफ ने फैज का उपचार करने के बाद छुट्टी दे दी। लेकिन बेटे के साथ हुए हादसे की खबर सुनकर मां की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। बाबू भाई ने कहा- फैज मेरा इकलौता बेटा है। मैं रिपोर्ट लिखाने गया लेकिन चायना डोर बेचने वाले का नाम पूछा तो मैं बता नहीं पाया। उन्होंने कहा- चायनीज डोर न जाने कितने लोगों की जान लेगी। इस पर हमेशा के लिए प्रतिबंध लगाना चाहिए। दोस्त अस्पताल लेकर पहुंचा, तब बची जान
राजेंद्र नगर, राऊ स्थित सैटेलाइट टाउनशिप निवासी विनोद अग्रवाल (38) ने बताया- मैं 26 दिसंबर को मालगंज से महू नाका जा रहा था। बाइक पर दोस्त विनोद यादव पीछे बैठा था। हम बालदा कॉलोनी स्थित सांई मंदिर तक पहुंचे तभी चायनीज मांझा कहीं से आया और मेरे गले में फंस गया। मेरी गर्दन कट गई। विनोद मुझे लेकर दशहरा मैदान के सामने यूनीक अस्पताल पहुंचा। यहां इलाज के बाद घर पहुंचकर विनोद ने 27 दिसंबर को पुलिस से पूरे मामले में शिकायत की। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है। एक्सपर्ट बोले- गैर इरातन हत्या का मामला
हाईकोर्ट के वकील कृष्ण कुमार कन्हारे ने बताया कि चायना की डोर प्रतिबंधित है। यदि किसी व्यक्ति द्वारा पतंगबाजी में इसका इस्तेमाल करने से मौत हुई तो भारतीय न्याय संहिता के तहत गैर इरादतन हत्या और चोट पहुंचाए जाने समेत लापरवाही से मानव जीवन के लिए संकट पैदा करने वाले अपराध की धारा 125 (A) (B) में भी केस दर्ज हो सकता है। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… इंदौर में मांझे से कॉलेज स्टूडेंट का गला कटा, मौत इंदौर में मकर संक्रांति पर पतंग के मांझे से कॉलेज स्टूडेंट का गला कट गया। अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। हादसा मंगलवार शाम करीब 5 बजे चंदन नगर में फूटी कोठी ब्रिज पर हुआ। पुलिस के अनुसार, 22 वर्षीय हिमांशु सोलंकी अपने रिश्तेदार विनोद के साथ एलपीजी सिलेंडर लेने जा रहा था। इसी दौरान मांझा उसके गले पर आ लगा। विनोद को भी आंख के पास चोट आई है। पढ़ें पूरी खबर…


