पंजाब के लुधियाना में धड़ल्ले से बन रहे होटलों को निगम सील कर रहा है। इसका कारण यह है कि इन होटलों के पास पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। होटल के पास पार्किंग ना होने के कारण राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। सार्वजनिक तौर पर ट्रैफिक व्यवस्था तक खराब हो जाती है। शहर के कुल 220 होटलों पर सीलिंग की गाज गिरनी लगभग तय है। हाई कोर्ट ने लगाई होटल मालिकों को फटकार इस केस में हाईकोर्ट ने स्पष्ट रूप से होटल मालिकों को फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने कहा कि जब तक होटल मालिक पार्किंग का प्रबंध नहीं करते तब तक उन्हें कोई राहत नहीं दी जाएगी। हाईकोर्ट ने होटलों को सील करने की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग को अस्वीकार कर दिया है। लुधियाना के रहने वाले रोहित सभ्रवाल ने जनहित याचिका दायर करके लुधियाना में होटलों द्वारा बिल्डिंग बायलाज का उल्लंघन करने का मुद्दा उठाया है। याचिका पर सुनवाई में होटल एसोसिएशन ने केस में पार्टी बनने के लिए आवेदन किया पर अदालत ने आवेदन पर कोई फैसला नहीं लिया। होटल मालिकों की ओर से कहा गया कि वे पार्किंग की व्यवस्था कर लेंगे लेकिन निगम की होटल सील करने की कार्रवाई पर रोक लगाए जाए। हाईकोर्ट ने कहा कि जब तक पार्किंग की व्यवस्था नहीं होती तब तक हाई कोर्ट से उन्हें कोई राहत नहीं है। इस केस में अगली सुनवाई 27 जनवरी को है। याचिका में थी 109 होटलों की सूची,बढ़ा कर 220 हुई याचिका में अदालत को बताया गया है कि होटलों के निर्माण के लिए कुछ तय प्रावधान हैं और इसके लिए पहले मंजूरी के साथ ही बिल्डिंग में कुछ विशेष प्रावधान व मंजूरियां जरूरी है। शहर होटलों में इनका पालन नहीं किया जा रहा। याचिकाकर्ता रोहित सभ्रवाल ने बताया कि कुल 109 होटलों की सूची अदालत को सौंपी थी जिस पर हाई कोर्ट ने सरकार को भी फटकार लगाई थी। शहर में सर्वे हुआ जिसके कई और होटलों के नाम भी अदालत के आदेशों के बाद इसमें कई अन्य होटलों के नाम भी सूची में शामिल किए गए। इसके बाद अब होटलों की संख्या 220 हो गई है।


