धूल से परेशान जनता:​सिर्फ कागजों में डस्ट फ्री रोड – निगरानी शून्य, परिणाम-सड़क पर धूल ही धूल

वायु प्रदूषण से शहरवासियों को सुरक्षित रखने के नाम पर शहर के अंदर डस्ट फ्री रोड बनाने पर एक बार फिर से काम शुरू हो गया है। नगर निगम ने जिस ठेकेदार को डस्ट फ्री सड़क बनाने के लिए पे वर्क लगाने की जिम्मेदारी दी है। उस ठेकेदार के कर्मचारी काम कर सड़क पर मिट्टी छोड़कर जा रहे है। ऐसे हालात एजी पुल के बगल से निकलने वाली सड़क पर दिख जाएंगे। यहां पर पे वर्क लगाने का काम एक महीने पहले पूरा हो चुका है। इसके बाद भी मिट्टी जमा है। धूल के हालात विवेकानंद नीडम पुल, एजी पुल सहित शहर के अन्य डिवाइडरों के किनारे जमा होते दिखते है। शहरवासियों का कहना है कि काश… वीआईपी को शहर ऐसी सड़कों से और गुजार दिया जाता। इससे सड़कें भी ठीक और धूल भी गायब हो जाती। गौरतलब है कि पिछले दिनों शहर के अंदर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मौजूद थे। अफसरों ने उनके कार्यक्रम को देख सड़कों को ठीक करने का काम इतनी तेजी से किया कि सड़कों के किनारे की धूल तक गायब हो गई, जो पिछले तीन महीने से निगम के अफसर नहीं करा प रहे थे। देखिए… …नए आरओबी के हालात, जहां लंबे समय से नहीं लगी झाड़ू ​​​​​​​एजी पुल से बगल की रोड: यहां की रोड को डस्ट फ्री करने के लिए पे वर्क लगाए गए है। अब दो से तीन मीटर तक सड़क पर धूल पड़ी हुई है। रोड स्वीपिंग मशीन फिर नदारद
वीआईपी मूवमेंट के दौरान जितनी तेजी से फोगर से छिड़काव और रोड स्वीपिंग मशीनें गलियों तक की सड़कों को साफ कर रही थीं। अब उन्हें फिर से विराम दे दिया है। शहरवासियों का कहना है कि यदि रोज निगम के स्वास्थ विभाग इसी तरह काम करें। तो शहर साफ दिखाई देने लगेगा। प्लानिंग कर ली, सड़क बनाएंगे डस्ट फ्री
पिछले दिनों सभी संसाधन और टीम ने बेहतर काम ​किया है। इससे सीख लेकर शहर की अन्य सड़कों पर भी ऐसा ही काम करने की प्लानिंग तैयार की है। स्वास्थ्य विभाग को इसमें विशेष लगाया जाएगा। जल्द शहर की सड़कें डस्ट फ्री नजर आने लगेंगी। -संघ प्रिय, आयुक्त नगर निगम

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