रविवार को घरों में ही कैद हो जाते हैं रहवासी दिनभर रहता शोरगुल, नहीं निकाल पाते वाहन

भास्कर संवाददाता | बड़वानी शहर में प्रत्येक रविवार को हाट बाजार लगता है। हाट बाजार न्यू हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में लगाया जाता है। यहां के रहवासी प्रत्येक रविवार को घरों में कैद होने को मजबूर हो जाते हैं, क्योकि हाट बाजार में लगने वाली दुकानें लोगों के घरों के सामने ही लगाई जाती है। इससे पूरे पाला बाजार से लेकर न्यू हाउसिंग बोर्ड की गलियां संकरी हो जाती है। यहां से वाहन निकलना तो दूर पैदल चलने में भी समस्या आती है। इस समस्या के बाद भी नगर पालिका हाट बाजार के लिए स्थान तय नहीं कर पाई है। दुकानों को नियत स्थान दे दिया जाए तो रहवासियों को सुविधा होगी। शहर में करीब 10 साल पहले हाट बाजार पाला बाजार से मुख्य मार्ग देवीसिंह मार्ग व आसपास की गलियों में लगता था। इससे यहां से वाहनों को गुजरने में समस्या आती थी। जिस पर नगर पालिका ने हाट बाजार को शिफ्ट कर न्यू हाउसिंग बोर्ड के मैदान पर किया गया था लेकिन दुकानदारों ने देखरेख के अभाव में मनमानी करते हुए पूरी न्यू हाउसिंग बोर्ड में दुकान लगाना शुरू कर दी। जिससे यहां के रहवासियों को घर से बाहर निकलने में समस्या आती है। पूरे दिन शोरगुल व जाम की स्थिति से परेशान होना पड़ता है। जबकि रविवार को छुट्‌टी का दिन होने से लोग आराम करना पसंद करते हैं लेकिन हाट बाजार लगने से वह आराम नहीं कर पाते हैं। इमरजेंसी में नहीं पहुंच पाते हैं साधन, रात में फैली रहती है गंदगी वार्ड के पार्षद प्रतिनिधि सलीम तिगाले ने जानकारी देते हुए बताया कि रविवार को हाट बाजार लगने के कारण यहां के रहवासी घरों में कैद हो जाते हैं। कई बार इमरजेंसी केस में भीड़ अधिक होने से एंबुलेंस भी नहीं पहुंच पाती है। किसी दिन आगजनी की घटना हो जाए तो अफरा तफरी मच सकती है। पार्षद मुजीब कुरैशी ने बताया यह कॉलोनी वार्ड क्रमांक 12 व 13 के बीच में आती है। जहां पर दिनभर बाजार का शोरगुल रहता है। वहीं रात को जब दुकानें हटती है तो पूरी गंदगी घरों के सामने ही फैली रहती है। दुकानदार बचा हुआ खराब सामान यहीं फेंक जाते हैं। इससे लोग परेशान हैं। मैदान पर कर रखा है अतिक्रमण : जाधव नेता प्रतिपक्ष राकेशसिंह जाधव ने बताया न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के मैदान पर दुकान लगाने के लिए तय किया था। दुकानदार पाला बाजार से न्यू हाउसिंग बोर्ड तक दुकान लगा रहे हैं। मैदान पर कई लोगों ने ईंट, रेत, गिट्‌टी व अन्य सामग्री रखकर अतिक्रमण किया है। जबकि वहां लाइनिंग कर दी जाए तो दुकान लग सकती है। अगर स्थान कम पड़ रहा है तो उसके लिए नया स्थान तय करना चाहिए।

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