अमृतसर | गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ पंजाबी स्टडीज द्वारा ‘जनवादी अखबार संघ, अमृतसर’ के सहयोग से ‘रंगमंच संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस बौद्धिक चर्चा में कनाडा से विशेष तौर पर पधारे प्रसिद्ध थिएटर शोधकर्ता और निर्देशक अजल दोसांझ ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभाग के प्रमुख प्रो. मनजिंदर सिंह ने की, जबकि रजिस्ट्रार प्रो. करमजीत सिंह चहल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में शिरोमणि नाटककार केवल धालीवाल और नाटककार जगदीश सचदेवा शामिल हुए। औपचारिक स्वागत करते हुए प्रो. मनजिंदर सिंह ने कहा कि रंगमंच केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एक संपूर्ण कला विधा है। इसमें कविता, संगीत, जीवंत अभिनय और तात्कालिक प्रस्तुति का जो मेल होता है, वह किसी अन्य माध्यम में दुर्लभ है। मुख्य वक्ता अजल दोसांझ ने अपने निजी अनुभवों और शोध के माध्यम से रंगमंच की बारीकियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी शिक्षा और शोध के लिए थिएटर को इसलिए चुना क्योंकि इसकी छाप सीधे दर्शकों के दिलों पर पड़ती है। उन्होंने पंजाबी नाटक को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की संभावनाओं और रंगमंच के सामने खड़ी आर्थिक चुनौतियों पर गंभीर चर्चा की।


