भगवान नारायण ने भोलेनाथ, तो लक्ष्मण ने शूर्पणखा की नाक काटने का रचाया स्वांग

भास्कर न्यूज | अमृतसर दुर्ग्याणा तीर्थ में रविवार को ठाकुर जी को खिचड़ी भोग लगाया। मंदिर कमेटी की अध्यक्षता में पंडितों ने मिलकर श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर के तीनों दरबारों के अलग-अलग स्वांग रचाए। जिसमें राम दरबार, श्री राधा कृष्ण और श्री लक्ष्मी नारायण दरबार को सुंदर सजाया। मंदिर के मुख्य पुजारी ओम प्रकाश ने बाकी पंडितों के साथ मिलकर सभी विग्रहों का स्वांग रचाया, जिसे देखने को भक्तजन रात साढ़े 9 बजे तक आते रहे। हजारों की संख्या में माथा टेकने पहुंचे भक्तों में से कइयों ने इस सुंदर स्वांग को अपने मोबाइल में भी कैद किया। पंडितों ने प्रात आरती करके श्री ठाकुर जी को देसी घी की खिचड़ी का भोग लगाकर उसका प्रसाद बांटा। इसी दौरान पुजारियों ने मिलकर तीनों दरबारों का स्वांग रचा। जिसमें श्री राधा कृष्ण जी के दरबार में नंद बाबा ने अपने सिर पर टोकरी रखकर उनमें नन्हें गोपाल को उठाकर नदीं पार करवाने का स्वांग रचा। वहीं श्री नारायण जी को बाबा भोले नाथ और माता लक्ष्मी जी को पार्वती का स्वांग रचाया। जिसमें बाबा भोले नाथ बने नारायण जी ने पार्वती को अमर-कथा सुनाई। इस दरबार में कबूतरों का जोड़ा रखा ताकि वह अमर-कथा को सुन सकें। वहीं तीसरे राम दरबार में लक्ष्मण के पास रावण की वहन शूर्पणखा आती है। जिसके बाद लक्ष्मण शूर्पणखा की नाक काटते का स्वांग रचाया। मुख्य पंडित ओम प्रकाश ने कहा कि आम दिनों की मुकाबले रविवार को मंदिर रात साढ़े 9 बजे बंद किया जाता है।

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