भोपाल मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों के लिए नियमों का पालन अब सिर्फ सलाह नहीं, बल्कि कानूनी जिम्मेदारी भी है। मेट्रो प्रबंधन ने प्लेटफॉर्म और ट्रेनों में क्या करें और क्या न करें को लेकर बड़े पोस्टर लगाए हैं। ये वही नियम हैं, जिनका उल्लंघन करने पर मेट्रो रेलवे (परिचालन और अनुरक्षण) अधिनियम, 2002 के तहत जुर्माना और जेल तक की सजा का प्रावधान है। मेट्रो परिसर और ट्रेनों में भीख मांगना, भीड़ जुटाना, नारेबाजी, उत्पादों की मांग करना या किसी भी तरह की समूह गतिविधियां प्रतिबंधित हैं। अधिनियम की धारा 62 के तहत रेलवे परिसर में प्रदर्शन करने, लिखने, चिपकाने या निर्देशों का पालन न करने पर 500 रुपए तक का जुर्माना और यात्री को ट्रेन से बाहर भी किया जा सकता है। इसी तरह, पालतू जानवरों को मेट्रो परिसर के अंदर लाने की अनुमति नहीं है। मेट्रो प्रबंधन के अनुसार इससे यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा प्रभावित हो सकती है। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए सख्त सजा वाले नियम अनाधिकृत रूप से सामान बेचा तो 400 रुपए जुर्माना
भीड़ और अव्यवस्था रोकने के लिए मेट्रो परिसर में भीख मांगने, सामान बेचने या यात्रियों को परेशान करने पर भी कार्रवाई का प्रावधान है। धारा 73 के तहत मेट्रो रेलवे में अनधिकृत रूप से सामान बेचने पर 400 रुपए का जुर्माना लगाया जा सकता है। अपील: कतार में खड़े हों
मेट्रो प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे कतार में खड़े हों, अपने सामान का ध्यान रखें, टिकट जांच के समय अधिकृत कर्मचारियों को टिकट दिखाएं और जरूरत पड़ने पर मेट्रो सुरक्षा या ग्राहक सेवा केंद्र से संपर्क करें। मेट्रो रेलवे (परिचालन और अनुरक्षण) अधिनियम, 2002 के तहत अपराध और जुर्माने का प्रावधान


