जिला कलक्टर डॉ इंद्रजीत यादव के निर्देशन में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव-गांव तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने के लिए सरकार की प्रथम वर्षगांठ के अवसर पर मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों का उद्देश्य हर नागरिक को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एचएल ताबियार ने बताया कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य शिविर की तैयारियों की सफलता के लिए सभी खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि जिले में 15 दिसंबर से 31 जनवरी तक सभी पीएचसी व सीएचसी में मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में आयुर्वेद विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायती राज विभाग, शिक्षा विभाग व सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग का भी सहयोग रहेगा। विशेष चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध डॉ. ताबियार ने बताया कि प्रत्येक शिविर में विभिन्न विशेषज्ञों की टीम मौजूद रहेगी। इन शिविरों में 37 प्रकार की जांच सुविधा निशुल्क उपलब्ध होंगी, जिसमें ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, और कैंसर जैसी बीमारियों की जांच की जाएगी। साथ ही गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच, बच्चों का टीकाकरण, डायबिटीज हाइपरटेंशन व अंधता के रोगियों की स्क्रीनिंग की सुविधा होगी। इसके अलावा टीबी मरीजों की जांच, जरूरत होने पर एक्स-रे करवाना, निक्षय पोषण योजना में वंचित व्यक्तियों का बैंक अकाउंट प्राप्त कर पोर्टल में अपडेट करवाना सहित अन्य बीमारियों की जांच एवं उपचार किया जाएगा। विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा टेली कंसल्टेशन से रोगियों को लाभान्वित किया जाएगा। वहीं जरूरत पर रोगी को शिविर से एंबुलेंस की मदद से चिकित्सा संस्थान में जाकर उपचार भी करवाया जाएगा। इन शिविरों में आयुष पद्धति से भी उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। तीन चरणों में होंगे शिविर उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राहुल डिंडोर ने बताया कि शिविर तीन चरणों में आयोजित होंगे। इसमे प्रथम चरण के दौरान समस्त आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (पीएचसी) व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) पर शिविर, द्वितीय चरण में फॉलोअप शिविर जो कि पंचायत मुख्यालय पर आयोजित होंगे व तृतीय चरण में रेफरल शिविर जो जिला मुख्यालय पर आयोजित किए जाएंगे। समाज को व्यापक लाभ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एचएल ताबियार नने बताया कि शिविरों में कुपोषित बच्चों की पहचान, कुष्ठ रोगियों का उपचार, नियमित टीकाकरण और परिवार कल्याण साधनों का वितरण किया जाएगा। यह शिविर चिकित्सा सुविधाओं को अन्तिम व्यक्ति तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण प्रयास है। 15 दिसम्बर को यहां आयोजित होंगे शिविर आनंदपुरी ब्लॉक के फ़लवा, बागीदौरा के करजी, गांगड़तलाई में सल्लोपाट, छोटी सरवन में दानपुर, घाटोल में सेनावासा, कुशलगढ़ में छोटी सरवा, परतापुर में खोड़न, अरथूना में जोलाना, छोटा डूंगरा में तांबेसरा, तलवाड़ा के बदरेल और शहर के खांदू कॉलोनी में शिविर लगाए जाएंगे।


