एनएसयूआई ने भी अरावली पर्वतमाला को नष्ट करने के फैसले के विरोध में रविवार रात को मशाल जुलूस निकालकर विरोध जताया। कार्यकर्ताओं ने एसपीसी जीसीए के मुख्य द्वार से केसरगंज तक प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने ऑक्सीजन मास्क पहनकर संदेश दिया कि यदि अरावली को नहीं बचाया गया तो आने वाले समय में मनुष्य को सांस लेने के लिए भी मास्क का सहारा लेना पड़ेगा। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अंकित घारू ने कहा… अरावली केवल पहाड़ नहीं, बल्कि उत्तर भारत की जीवन रेखा है। यदि इसे नष्ट किया गया तो जल संकट, पर्यावरण असंतुलन और शुद्ध हवा की भारी कमी तय है। भाजपा ‘एक पेड़ माँ के नाम’ का नारा देती हैं, दूसरी ओर अरावली को नष्ट करने के फैसले लेते हैं। यह सरकार का दोहरा चेहरा है। सरकार को प्रकृति को कुर्बान कर अपने हित नहीं साधने चाहिए। कार्यक्रम में लक्की जैन, पवन सिसोदिया, पार्थिक टोनी, तरुण टांक, नितिन चौधरी, राहुल भड़ाना, कपिल कलोशिया, सन्नी तनवानी, राहुल जाजोट, अनवर अली, उमेश टांक,कुलदीप रावत, कालू रावत, जितेश मोलपारिया आसिफ खान गेगल ,कुणाल सांवरिया ,दीपक मौर्य, राजवीर गुर्जर,आकाश बोयत , रंजीत घारू, आदित्य गोयर, रजत लखन, परवीन यादव, विनय घारु , अनमोल घारु, मोहित सवासिया, हिमेश गोयर, गौरव छपरिवंद, मनीष राजावत, कुलदीप सांगेला, कपिस साँवरिया, खेमकरण तंवर, प्रिंस उदयवाल आदि मौजूद रहे। ………………… पढें ये खबर भी… अजमेर में कांग्रेसियों की पुलिस से झड़प, डीजे की धुन पर निकाला पैदल मार्च अरावली बचाओ जन आंदोलन जन-जागरूकता कार्यक्रम के तहत अरावली पर्वतमाला को हो रहे नुकसान, अवैध खनन तथा पर्यावरण से जुड़े गंभीर मुद्दों को लेकर अजमेर में कांग्रेसियों ने पैदल मार्च निकाला। इस दौरान डीजे पर गाने बजाने को लेकर पुलिस ने टोका तो कांग्रेसियों से झड़प हो गई। बाद में कांग्रेसी नहीं माने और डीजे पिकअप पर गाने चलाते हुए पैदल मार्च निकाला। पूरी खबर पढें


