शहडोल जिले के अमलाई थाना क्षेत्र के बकहो गांव में ग्रामीणों ने बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हो रहे अत्याचारों और हमलों के विरोध में कैंडल मार्च निकाला। बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा और बुजुर्ग हाथों में मोमबत्तियां लिए गांव के प्रमुख मार्गों से शांतिपूर्ण तरीके से गुजरे और अपना आक्रोश व्यक्त किया। मार्च में शामिल लोगों ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों, धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाने और उत्पीड़न की घटनाओं की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर हिंसा और भेदभाव मानवता के खिलाफ है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। प्रतिभागियों ने पीड़ित हिंदू समुदाय के प्रति एकजुटता व्यक्त की। मानवाधिकार उल्लंघन पर निष्पक्ष जांच की मांग वक्ताओं ने इसे मानवाधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय और मानवाधिकार संगठनों से निष्पक्ष जांच और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की। उन्होंने भारत सरकार से भी कूटनीतिक स्तर पर इस मुद्दे को उठाने की मांग की। ग्रामीणों ने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी कैंडल मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। अमलाई थाना पुलिस बल मौके पर तैनात रहा और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। मार्च के समापन पर बांग्लादेश में हिंसा के शिकार लोगों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। ग्रामीणों ने कहा कि वे आगे भी लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अत्याचार के खिलाफ अपनी आवाज उठाते रहेंगे।


