ग्वालियर-इटावा नेशनल हाईवे-719 पर आए दिन हो रहे हादसों और मौतों के विरोध में आज सोमवार (29 दिसंबर) को संत समाज सड़क पर उतर रहा है। भिंड में संत समाज द्वारा हाईवे को सिक्सलेन बनाने की मांग को लेकर ‘नो रोड-नो टोल’ आंदोलन किया जाएगा। यह प्रदर्शन ग्वालियर और मालनपुर के बीच स्थित बरैठा टोल प्लाजा पर होगा, जहां सांकेतिक रूप से टोल फ्री कराने का प्रयास किया जाएगा। इस आंदोलन में संतों के साथ समाजसेवी और रिटायर्ड आर्मी मैन भी शामिल होंगे। संत समिति के जिलाध्यक्ष कालीदास महाराज ने दैनिक भास्कर से बातचीत में दो टूक कहा, “जब तक हाईवे पर मौतों का सिलसिला नहीं थमेगा, तब तक संत समाज शांत नहीं बैठेगा। यह आंदोलन रुकेगा नहीं।” उन्होंने बताया कि यह हाईवे भिंड के लिए मौत का हाईवे बन चुका है। पिछले दो सालों में सैकड़ों लोग और गौवंश यहां अपनी जान गवां चुके हैं। जनप्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप कालीदास महाराज ने भिंड के विधायक, सांसद और अन्य जनप्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “भिंड के जनप्रतिनिधि इस हाईवे के विस्तार को लेकर न तो गंभीर हैं और न ही विधानसभा या संसद में इस मुद्दे को मजबूती से उठा रहे हैं।” उन्होंने दावा किया कि विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने भी उनसे चर्चा में माना था कि भिंड के जनप्रतिनिधि हाईवे के मुद्दे को लेकर सदन में चर्चा ही नहीं करते। गडकरी ने मानी थी विस्तार की जरूरत हाईवे के मुद्दे को लेकर संत समाज दिल्ली तक गया था। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उनकी मुलाकात केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से कराई थी। कालीदास महाराज ने बताया, “गडकरी जी ने खुद माना कि जिस हाईवे पर इतनी मौतें हो रही हैं, उसका विस्तार बेहद जरूरी है। उन्होंने तुरंत टाइमलाइन तय की और अधिकारियों को निर्देश भी दिए।” 7 महीने बाद भी काम शुरू नहीं बैठक में जब अधिकारियों ने टोल का हवाला दिया, तो गडकरी ने कहा था, “मुझे नहीं पता टोल कहां है, पहले हाईवे का विस्तार होना चाहिए।” अधिकारियों ने 2028 तक काम पूरा करने की बात कही थी, लेकिन सात महीने बीतने के बाद भी धरातल पर कुछ नजर नहीं आ रहा है। सिंधिया ने भी संतों का समर्थन करते हुए कहा था, “सिंधिया जी ने मेरा हाथ पकड़कर कहा था कि आप चिंता मत कीजिए, काम शुरू होगा। मैं आप सभी संतों के साथ हूं।” 4 विधानसभा क्षेत्रों से गुजरता है हाईवे यह हाईवे जिले के चार विधानसभा क्षेत्रों से होकर 80 किमी का सफर तय करता है। इसकी शुरुआत गोहद से होती है (विधायक केशव देसाई- कांग्रेस), फिर मेहगांव (मंत्री राकेश शुक्ला- भाजपा), भिंड (विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह- भाजपा) और अंत में अटेर (विधायक हेमंत कटारे- कांग्रेस) आता है। मंत्री राकेश शुक्ला ने पिछले दिनों संतों को आश्वासन दिया था कि मुद्दे को हल कराया जाएगा। वहीं, हेमंत कटारे ने भी एक बार विधानसभा में विस्तार का मुद्दा उठाया था।


