महाराष्ट्र के सीएम फडणवीस ने कहा:मप्र में मराठी भाषा सिखाने का कोर्स शुरू करने वाली संस्थाओं को आर्थिक मदद देंगे

महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को जबलपुर में कहा कि अब मातृभाषा और इतिहास पर केवल गर्व करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों के हिसाब से नई पीढ़ी तैयार करनी होगी। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में मेडिकल व इंजीनियरिंग शिक्षा भी मातृभाषा को देने को प्राथमिकता दी गई है। महाराष्ट्र शिक्षण मंडल के शताब्दी समारोह में फडणवीस ने घोषणा की कि यहां जबलपुर में मराठी भाषा सिखाने के लिए कोई संस्था नया उपक्रम या कोर्स शुरू करती है तो महाराष्ट्र सरकार इसके लिए जरूरी आर्थिक मदद के साथ ही पूरा सहयोग करेगी। फडणवीस ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने “स्वराज्य’ के साथ ” स्वधर्म’ और “स्वभाषा’ का नारा दिया था। पानीपत के युद्ध का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि मराठों ने केवल अपने साम्राज्य के लिए नहीं, बल्कि समूचे भारत की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ी थी। मराठी व्यक्ति कभी संकुचित विचार नहीं रखता। मराठियों का दृष्टिकोण हमेशा राष्ट्रव्यापी और वैश्विक होता है। फडणवीस ने प्रशांत पोल की पुस्तकों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत का सच्चा इतिहास साक्ष्यों के साथ सामने आ रहा है और पुरानी भ्रांतियों को तोड़ रहा है। वर्चुअली जुड़े मुख्यमंत्री मोहन यादव वर्चुअली जुड़े सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मप्र व महाराष्ट्र का रिश्ता केवल भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि संत परंपरा, सांस्कृतिक चेतना व समाज सुधार की साझी विरासत से जुड़ा है। छत्रपति शिवाजी के विचारों के आधार पर बाजीराव पेशवा, शिंदे, होलकर व गायकवाड़ राजवंशों ने मप्र के विकास व संस्कृति के संरक्षण में अहम योगदान दिया है। कार्यक्रम में पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह व स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने भी विचार रखे। दीदी-जीजा के घर भी गए जबलपुर से महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का पुराना नाता है। उनकी दीदी सुमेधा और जीजा यानी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रशांत पोल जबलपुर में ही निवास करते हैं। कार्यक्रम के बाद फडणवीस उनके घर भी गए। इसके अलावा उन्होंने वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस की फोटो गैलरी का शुभारंभ भी किया।

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