महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में 24 से 28 दिसंबर तक आयोजित स्कूली स्तर की राष्ट्रीय कबड्डी प्रतियोगिता में राजस्थान की अंडर-17 बालिका टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। स्कूल फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता में राजस्थान की बेटियों ने एक के बाद एक मजबूत टीमों को हराकर राज्य का नाम रोशन किया। ग्रुप और प्री-क्वार्टर में शानदार जीत टीम मैनेजर सत्यनारायण गोदारा ने बताया कि प्रतियोगिता के शुरुआती दौर में राजस्थान टीम ने दमदार प्रदर्शन किया। राजस्थान नेगुजरात को 47-17,केवीएस को 53-22,केरल को 43-21और झारखंड को 69-20 से हराया।इन जीतों के साथ राजस्थान टीम ने प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। सीबीएसई के खिलाफ सबसे रोमांचक मुकाबला प्री-क्वार्टर में राजस्थान और सीबीएसई के बीच मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। राजस्थान टीम अंतिम समय में पांच पॉइंट से पिछड़ रही थी, लेकिन कप्तान आईना सायच ने कमाल का प्रदर्शन किया। उन्होंने एक मल्टी रेड में दो अलग-अलग आउट किए और अगली रेड में यूपी के रेडर को कैच आउट कर लोना मारते हुए मैच का रुख पलट दिया। राजस्थान ने यह मुकाबला 43-42 से जीत लिया। क्वार्टर फाइनल में यूपी को दी करारी शिकस्त क्वार्टर फाइनल में राजस्थान टीम ने उत्तर प्रदेश को एकतरफा मुकाबले में 69-23 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। इस जीत ने टीम का आत्मविश्वास और मजबूत कर दिया। सेमीफाइनल में महाराष्ट्र से हार सेमीफाइनल में राजस्थान का सामना मेजबान महाराष्ट्र से हुआ। कड़े मुकाबले में राजस्थान टीम को 18-25 से हार का सामना करना पड़ा और टीम फाइनल में पहुंचने से चूक गई। तीसरे स्थान के लिए पंजाब को हराया कांस्य पदक के मुकाबले में राजस्थान की बालिकाओं ने शानदार खेल दिखाया और पंजाब को 53-23 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया। इस जीत के साथ राजस्थान ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में कांस्य पदक अपने नाम किया। कप्तान आईना सायच को मिला बड़ा सम्मान राजस्थान टीम की कप्तान लूणकरणसर निवासी आईना सायच को उनके बेहतरीन खेल के लिए राष्ट्रीय स्तर पर बेस्ट डिफेंडर घोषित किया गया। उनके नेतृत्व और प्रदर्शन को प्रतियोगिता के दौरान सराहा गया। लूणकरणसर में हुआ था प्रशिक्षण प्रतियोगिता से पहले टीम का चयन और पूर्व प्रशिक्षण कैंप लूणकरणसर स्थित भीमसेन चौधरी किसान छात्रावास के खेल मैदान पर आयोजित किया गया था। पांच दिवसीय इस प्रशिक्षण शिविर में खिलाड़ियों ने दिन-रात अभ्यास कर अपनी फिटनेस और तकनीक को निखारा। प्रशिक्षकों कृष्णा खीचड़ और पूनम चौधरी ने खिलाड़ियों को खेल की बारीकियां सिखाईं। टीम में शामिल खिलाड़ी और स्टाफ प्रशिक्षक कृष्णा खीचड़ ने बताया कि राजस्थान टीम में कप्तान आईना सायच (बीकानेर), रवीना (बीकानेर), मोना (चूरू एकेडमी), कमला (चूरू एकेडमी), तानिया गुजर (चूरू एकेडमी), अनीता महिया (बाड़मेर), आरती (श्रीगंगानगर), रिया कुमावत (राजसमंद), टीना गुजर (अजमेर), पूजा (कोटपुतली-बहरोड़), आशा गुजर (जयपुर) और भूमिका (बीकानेर) को शामिल किया गया। टीम के साथ कोच कृष्णा खीचड़, मैनेजर पूनम चौधरी, शिविराधिपति सत्यनारायण गोदारा, टीम प्रभारी कांता और तकनीकी सहायक गौरीशंकर, भगवान राम व राजेश कुमार मौजूद रहे। खेल प्रेमियों में जश्न का माहौल इस उपलब्धि से लूणकरणसर तहसील सहित पूरे राजस्थान में खुशी की लहर है। लखावर गांव के व्याख्याता शिव करण लेघा ने कहा कि बालिकाओं ने निरंतर मेहनत कर यह मुकाम हासिल किया है। प्रशिक्षक कृष्णा खीचड़ ने कहा कि पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में खिलाड़ियों ने दिन-रात मेहनत की थी और पूरे आत्मविश्वास के साथ प्रतियोगिता में उतरी थीं। खेल प्रेमियों का मानना है कि यह टीम भविष्य में भी राजस्थान के लिए कई उपलब्धियां हासिल करेगी।


