महाभारत सीरियल में कृष्ण का किरदार निभाने वाले अभिनेता नीतीश भारद्वाज ने अपनी दो बेटियों के पासपोर्ट रिन्यू करने पर आपत्ति दर्ज कराई थी। इस मामले में आईएएस पत्नी स्मिता भारद्वाज ने पासपोर्ट कार्यालय के द्वारा आवेदन निरस्त किए जाने को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। हाई कोर्ट जस्टिस विनय सराफ की बैंच ने मामले में सुनवाई के बाद नीतीश भारद्वाज की आपत्ति को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि किसी का यात्रा पर जाना उसका मौलिक अधिकार है। वहीं कोर्ट ने दोनों बेटियों के नाम पर पासपोर्ट जारी करने के निर्देश दिए हैं। दरअसल, नीतीश भारद्वाज और स्मिता भारद्वाज की दो बेटियों ने इंग्लैंड जाने के लिए पास पोर्ट नए सिरे से रिन्यू करने का आवेदन किया था। उनके पासपोर्ट की अवधि 16 जनवरी को समाप्त होने वाली है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में एक बुक फेयर में शामिल होने के लिए दोनों बेटियों ने यह आवेदन दिया था। लेकिन नीतीश भारद्वाज ने पासपोर्ट कार्यालय में बेटियों के पासपोर्ट जारी करने से पहले ही आपत्ति दर्ज करा दी थी। माता-पिता नहीं कर सकते आपत्ति : कोर्ट
हाई कोर्ट जस्टिस विनय सराफ ने मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि विदेश यात्रा हर किसी का मौलिक अधिकार है, और पासपोर्ट अधिनियम के तहत पासपोर्ट रिन्यू करने के लिए माता-पिता की सहमति भी जरूरी नहीं है। इसलिए पासपोर्ट कार्यालय को दोनों आवेदनों का निराकरण समय रहते करना होगा।


