एमपी में जनवरी में तीसरी बार गिरेगा मावठा:ग्वालियर-चंबल अंचल में बारिश का अलर्ट; भोपाल में छाए बादल

मध्यप्रदेश में जनवरी में तीसरी बार मावठा गिरेगा। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटे में ग्वालियर, भिंड, शिवपुरी और दतिया में बारिश होने का अनुमान जताया है। यहां हल्की बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। वहीं, श्योपुर और मुरैना में आंधी चल सकती है। इधर, बुधवार को सुबह सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली समेत 34 जिलों में कोहरा छाया रहा। भोपाल में सुबह से बादल छाए रहे। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 2 दिन भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत एमपी के आधे हिस्से में बारिश होने का अलर्ट है। 17 जनवरी से तेज ठंड का दौर फिर शुरू हो जाएगा। बारिश के दौरान गरज-चमक की स्थिति भी बन सकती है। मौसम वैज्ञानिक प्रकाश धामले ने बताया, 15 और 16 जनवरी को वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की एक्टिविटी का असर प्रदेश के पश्चिमी और उत्तरी हिस्से में देखने को मिलेगा। सिस्टम जैसे ही गुजरेगा, प्रदेश में ठंड का असर फिर से बढ़ जाएगा। 18 जनवरी से एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा। इसके बाद बर्फीली हवा की रफ्तार बढ़ जाएगी और पूरा प्रदेश ठिठुर जाएगा। इससे पहले मंगलवार को 203 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से जेट स्ट्रीम हवा चली। ठंड के चलते कई जिलों में स्कूलों में छुट्टी अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम रात का पारा फिर लुढ़का, सुबह कोहरा
मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार-मंगलवार की रात भोपाल समेत कई शहरों के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। भोपाल में 5.4 डिग्री सेल्सियस, जबलपुर में 6.6 डिग्री, ग्वालियर में 8.4 डिग्री, उज्जैन में 8.5 डिग्री और इंदौर में 9.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। सबसे ठंडा सीहोर रहा। यहां टेम्प्रेचर 3.2 डिग्री सेल्सियस रहा। शाजापुर के पास गिरवर में 3.9 डिग्री, राजगढ़ में 4.6 डिग्री, पचमढ़ी में 4.7 डिग्री, नौगांव-कल्याणपुर में पारा 5 डिग्री रहा। अन्य शहरों में भी पारे में गिरावट देखने को मिली। सतना, मैहर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, राजगढ़, पन्ना, छतरपुर, ग्वालियर, रायसेन, दमोह, भोपाल, मंडला, उमरिया और पचमढ़ी में कोहरा भी रहा। नवंबर-दिसंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी ठंड
नवंबर-दिसंबर में भी ठंड रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। नवंबर की बात करें तो भोपाल में तो 36 साल का रिकॉर्ड टूटा है। इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर में भी पारा सामान्य से 7 डिग्री तक नीचे रहा। स्थिति यह रही कि पूरे प्रदेश में जनवरी से भी ठंडा दिसंबर रहा। 9 दिन शीतलहर चली। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई है। भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों को सर्दी से बचाने के लिए हीटर लगाए गए। MP के 5 बड़े शहरों में जनवरी में ऐसा रहा सर्दी का ट्रेंड… भोपाल में 0.6 डिग्री पहुंच चुका टेम्प्रेचर
भोपाल में जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। दिन में गर्मी का अहसास और बारिश का ट्रेंड भी है। 18 जनवरी 1935 को रात का टेम्प्रेचर रिकॉर्ड 0.6 डिग्री सेल्सियस रहा था। वहीं, 26 जनवरी 2009 को दिन में तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया था। पिछले 10 में से 7 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सबसे ज्यादा 2 इंच बारिश 6 जनवरी 2004 को हुई थी। वहीं, सर्वाधिक मासिक 3.8 इंच बारिश जनवरी 1948 को हुई थी। इंदौर में माइनस 1.1 डिग्री पहुंच चुका पारा
इंदौर में जनवरी में सर्दी का रिकॉर्ड माइनस में पहुंच चुका है। 16 जनवरी 1935 को पारा माइनस 1.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 27 जनवरी 1990 को दिन का तापमान 33.9 डिग्री रहा था। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 6 जनवरी 1920 के नाम है। इस दिन 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। वहीं, वर्ष 1920 में सर्वाधिक मासिक बारिश 4 इंच दर्ज की गई थी। जबलपुर में 1946 में रिकॉर्ड 1.1 डिग्री रहा था पारा
जबलपुर में भी जनवरी में ठंड-बारिश का ट्रेंड है। 7 जनवरी 1946 को रात का पारा रिकॉर्ड 1.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। वहीं, दिन का उच्चतम तापमान 33.4 डिग्री 7 जनवरी 1973 को रहा था। इस महीने बारिश भी होती है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश 24 जनवरी 1919 को 2.5 इंच हुई थी। इसी साल पूरे महीने 8 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। उत्तरी हवा आने से ग्वालियर सबसे ठंडा
उत्तरी हवाओं की वजह से प्रदेश का ग्वालियर-चंबल सबसे ठंडा रहता है। जनवरी में यहां कड़ाके की ठंड का ट्रेंड है। पिछले 10 साल का रिकॉर्ड देखें तो 2018 में तापमान 1.9 डिग्री और 2019 में 2.4 डिग्री दर्ज किया गया था। 24 जनवरी 1954 को रात का तापमान माइनस 1.1 डिग्री सेल्सियस रहा था। ग्वालियर में जनवरी में बारिश भी होती है। साल 2014 से 2024 के बीच 9 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 8 जनवरी 1926 को है। इस दिन 2.1 इंच पानी गिरा था। वहीं, 1948 को कुल मासिक बारिश 3.1 इंच हुई थी। उज्जैन में जीरो डिग्री रह चुका पारा
उज्जैन में भी उत्तरी हवा का असर रहता है। इस वजह से यहां कड़ाके की ठंड पड़ती है। 22 जनवरी 1962 को पारा 0 डिग्री सेल्सियस रहा था। पिछले 10 साल में टेम्प्रेचर 2 से 5.8 डिग्री तक रह चुका है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 11 जनवरी 1987 के नाम है। इस दिन सवा इंच पानी गिरा था। वहीं, सर्वाधिक कुल मासिक 2.2 इंच 1994 को हुई थी।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *