उमरिया जिले के ताला में शनिवार को फूड फेस्टिवल मेला का आयोजन किया गया। इसमें कोदो-कुटकी, बाजरा के बने व्यंजनो को किसानों को परोसा गया। मोटे अनाज के फायदे बताए गए। आधुनिक समय में लोगों के खान पान में पारम्परिक अनाज जिन्हें हम मोटे अनाज या श्री अन्न के नाम से जानते हैं। विलुप्त हो रहे हैं। जबकि आज के समय में उगाए जाने वाले अनाजों से कहीं ज्यादा पोषक तत्व और बीमारियों से बचने की क्षमता श्री अन्न में मौजूद होती है। बिगड़ते पर्यावरण और खान पान में रासायनिक उर्वरकों के इस्तेमाल से पैदा होने वाले अनाजों के उपयोग से होने वाले हानिकारक प्रभावों से बचाने में श्री अन्न कारगर उपाय है। वर्तमान में केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव श्री अन्न के उत्पादन को बढ़ावा देने किसानों को कई तरह के प्रोत्साहन और योजनाओं का लाभ प्रदान कर रहे हैं। विधायक मीना सिंह ने जिले के किसानों से अपील की है कि सभी किसान ज्यादा से ज्यादा श्री अन्न का उत्पादन करें और मजबूत राष्ट्र के निर्माण में सहयोग प्रदान करें। कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने कहा कि श्री अन्न के उत्पादन में किसानों को लागत कम और मुनाफा ज्यादा होता और किसानों की कृषि भूमि भी रसायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभाव से बची रहती है। इसलिए किसानों को अब मोटे अनाज का ज्यादा उत्पादन करना चाहिए।


