रीवा संभाग के कमिश्नर बी.एस. जामोद ने ठंड से बचाव के लिये आवश्यक व्यवस्थाएं कराने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कलेक्टर्स से कहा है कि शीत ऋतु प्रारंभ हो गई है। आगामी दिनों में अधिकांश जगहों में सामान्य से न्यूनतम तापमान की संभावना प्रबल है। अत: संभावित शीत लहर के प्रकोप से बचाव तथा लोगों की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निम्नानुसार आवश्यक प्रबंध कराएं। – शीत लहर की चेतावनी तथा बचाव के उपायों से जन सामान्य को सूचित करने के लिए प्रचार प्रसार तथा अन्य आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। – बेसहारा एवं बेघर व्यक्ति फुटपाथ/सड़क/मैदान जैसे खुले स्थानों में पाए जाने पर उन्हें रैन बसेरों में शिफ्ट कराया जाए। यदि शिफ्ट कराना संभव न हो तो अन्य सुरक्षित स्थानों को चिह्नित कर उनमें उन व्यक्तियों को रखा जाए। – रैन बसेरों में पर्याप्त गर्म कपड़े, बिस्तर और कंबल आदि उपलब्ध कराए जाएं। इस संबंध में स्वयंसेवी संगठनों का सहयोग प्राप्त किया जा सकता है। प्रमुख सार्वजनिक स्थानों जैसे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, पार्क, मुख्य बाजार आदि पर अलाव जलाने के लिए स्थान चिह्नित किए जाएं तथा अलाव जलाने के लिए आवश्यक सामग्री की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित कराएं। – रैन बसेरा एवं अन्य चिह्नित स्थानों पर शीतलहर से बचाव के प्राथमिक उपचार के लिए फर्स्ट एड बॉक्स तथा आवश्यक दवाओं की व्यवस्था के लिए स्वास्थ्य विभाग को निर्देश जारी किए जाएं। – विशेष टीम का गठन कर रात के समय नियमित रूप से रैन बसेरों का निरीक्षण करें तथा यह सुनिश्चित करें कि अलाव जल रहे हैं, रैन बसेरों में कोई समस्या नहीं है और कोई व्यक्ति खुले में न सो रहा हो। – स्कूल तथा अन्य शैक्षणिक संस्थाओं के संचालन के समय में परिवर्तन के लिए आवश्यकता अनुसार निर्देश जारी किये जाएं। – घने कोहरे की स्थिति के दौरान यातायात प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए एवं अग्रिम सुरक्षा उपाय लागू किए जाएं। – सभी शासकीय अस्पतालों में शीतलहर प्रभावितों के उपचार के लिए डॉक्टरों की टीम गठित की जाए तथा शीताघात से प्रभावित व्यक्तियों के उपचार के लिए दवाओं के पर्याप्त भण्डारण सुनिश्चित किए जाएं।


