भास्कर न्यूज | जशपुरनगर छत्तीसगढ़–झारखंड की सीमा पर झारखंड के ग्राम पंचायत मांझाटोली के बेरियर बगीचा में 30 दिसंबर को अंतरराज्यीय जन सांस्कृतिक समारोह (कार्तिक जतरा) का आयोजन है। कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू मुख्य अतिथि हैं। वे आगडीह हवाई पट्टी से मांझाटोली कार्यक्रम स्थल तक 21 किमी का रास्ता सड़क मार्ग से तय करेंगी। इसमें से 19 किमी का इलाका जशपुर जिले में है। एनएच-43 पर ग्राम गिरांग से झारखंड के मांझाटोली तक आवागमन बंद किया जाएगा। गिरांग में बैरिकेट लगाया जाएगा। जशपुर से झारखंड जाने वाली सभी गाड़ियां गिरांग चौक के पास से प्रताप घोलेंग वाले रास्ते की ओर मुड़ेगी। गाड़ियां मंगाल होते हुए बोकी चौक निकलने के बाद आरा रोड की ओर जाएंगी। इसके बाद गाड़ियां आरा होकर सकरडेगा, कोंडरा, मोकरा, सुरसांग से होते हुए मांझाटोली निकलेंगी। बालाछापर से सीधे आरा होते हुए सभी गाड़ियां सकरडेगा, कोंडरा, मोकरा, सुरसांग से होकर निकलेंगी। ग्राम आगडीह से लेकर शंख नदी के बीच गांवों के लोगों से 30 दिसंबर को आने-जाने के लिए पीएमजीएसवाई सड़कों के उपयोग की अपील की गई है। यदि ग्राम तुरीलोदाम के ग्रामीणों को जशपुर आना है, तो उन्हें ग्राम गलौंडा, नीमगांव होकर जाना होगा। इस रूट के सभी गांव एनएच-43 के अलावा पीएमजीएसवाई सड़कों से भी जुड़े हैं। राष्ट्रपति के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर प्रदेश के प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी और जवान जशपुर पहुंच चुके हैं। शहर के सभी होटलों के कमरे बुक हैं। हालत यह है कि पुलिस विभाग के अधिकारियों को सन्ना रोड के बालक छात्रावास में ठहराया गया है। हालांकि ऐसी स्थिति में नए साल का जश्न मनाने 31 दिसंबर से 2 जनवरी तक पहुंचने वाले पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। बालाछापर से आरा तक की सड़क पर रूट डायवर्ट बालाछापर से आरा तक चौड़ी सड़क पर रूट डायवर्ट किया गया है। इससे आगे पीएमजीएसवाई की सड़क है। इस सड़क पर यात्री बस और चारपहिया वाहन आसानी से निकल जाएंगे पर भारी मालवाहकों का चलना मुश्किल है। इसलिए एनएच पर चलने वाले भारी मालवाहक वाहनों को एक दिन के लिए रोका जाएगा। ट्रक चालकों को मेन रूट के बंद होने की सूचना देने के लिए कुनकुरी से ही सूचना दी जाएगी। झारखंड के लिए चलेंगी बसें लेकिन रूट बदला जशपुर के बस स्टैंड से सबसे अधिक संख्या में बसें झारखंड के रांची के लिए चलती हैं। रायपुर और बिलासपुर से रांची जाने वाली रात्रिकालीन बसें सुबह 5 बजे से सुबह 7 बजे के बीच रांची के लिए चलती हैं। दिनभर में करीब 43 बसें जशपुर से रांची के बीच आना-जाना करती हैं। इन बसों में अधिकांश लोग चिकित्सा संबंधी कार्यों से रांची जाते हैं। इसके अलावा खरीदारी के लिए भी रोजाना लोगों का रांची आना-जाना लगा रहता है। शहर के अधिकांश लोगों की रिश्तेदारी झारखंड होने की वजह से भी इस रूट पर बसों की संख्या सबसे अधिक है। बस संचालकों के अनुसार रूट डायवर्ट होने से यात्रियों को कोई परेशानी नहीं होगी। हालांकि जशपुर से मांझाटोली की दूरी थोड़ी बढ़ेगी पर समय उतना ही लगेगा।


