अरावली और उन्नाव रेप आरोपी कुलदीप सेंगर की जमानत पर रोक लगाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस ने राजस्थान में आंदोलन वापस लेने की घोषणा की है। पहले कांग्रेस ने अरावली मुद्दे और उन्नाव रेप केस के अरारोपी को जमानत देने के मामले में सभी जिलों में प्रदर्शन करने और आंदोलन करने की घोषणा की थी। आज दोनों मामलों में सुप्रीम कोर्ट के फैसले आने के बाद कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने आंदोलन वापस लेने की घोषणा की है। डोटासरा ने कहा- अरावली को बचाने के लिए पूरी तरह से जनमानस के साथ पूरी पार्टी थी। हम सब लोग आंदोलन कर रहे थे। फिलहाल हम दोनों आंदोलनों को स्थगित करते हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि सुप्रीम कोर्ट में इसी तरह सत्य की जीत, न्याय की जीत होगी और सुप्रीम कोर्ट जन भावनाओं के अनुरूप अरावली पर्वतमाला के लिए फैसला करेगा। जो लोग चिंता कर रहे थे कि अरावली खान माफिया के हवाले हो जाएगी उनसे में आग्रह करना चाहता हूं कि हमें सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा करना चाहिए। अगर जन भावना के अनुरूप फैसला आता है तो ठीक है, वरना आंदोलन हमारा संविधानप्रदत अधिकार है, आगे हम उस अधिकार का उपयोग करेंगे। उम्मीद है जनवरी में सुप्रीम कोर्ट का फैसला अरावली को बचाने वाला ही आएगा : डोटासरा
डोटासरा ने कहा- सुप्रीम कोर्ट ने आज दो अहम फैसले देकर राहत दी है इससे सुप्रीम कोर्ट के प्रति और विश्वास बढ़ेगा। अरावली मामले में जिस तरह विशेषज्ञ समिति के आधार पर फैसला किया गया था, सरकार के उस फैसले और विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट पर पूरी तरीके से सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। इससे यह स्पष्ट है कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया। जनता की आवाज को सुना। अरावली की पुकार को सुना और अरावली खनन माफियाओं के हवाले से होने से बची है। आगे से भी हम उम्मीद करते हैं कि सुप्रीम कोर्ट अपना जनवरी में जो फैसला सुनाइए वह जनता की भावनाओं के अनुरूप अरावली पर्वतमाला पूरी तरह सुरक्षित रहे ऐसा फैसला आएगा।
उन्नाव रेप केस आरोपी की जमानत पर रोक लगाकर सुप्रीम कोर्ट ने न्याय में विश्वास पैदा किया डोटासरा ने कहा- सुप्रीम कोर्ट का दूसरा फैसला आया है उन्नाव में रेप के मामले में जमानत के फैसले को स्ट करके न्याय दिया है। इस फैसले से सुप्रीम कोर्ट ने आमजन में न्याय के प्रति विश्वास पैदा किया है। कांग्रेस पार्टी न्याय दिलाने के लिए आंदोलनरत थी।


