सीधी जिले में अवैध रेत का कारोबार बेखौफ जारी है। सोमवार को भी ग्राम बरमबाबा क्षेत्र में ओवरलोड रेत से भरे हाइवा वाहन दिन-रात सड़कों पर दौड़ते देखे गए। इस अवैध गतिविधि के कारण नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, जबकि प्रशासनिक कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित दिख रही है। अवैध रेत माफिया ओवरलोड वाहनों को बचाने के लिए एक तरीका अपनाते हैं। वे रेत को बीच सड़क पर ही उतार देते हैं, जिसके बाद उसी रेत को पिकअप और ट्रैक्टर जैसे छोटे वाहनों के माध्यम से दोबारा परिवहन किया जाता है। इस पूरे खेल से रेत माफिया मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस अवैध कारोबार से सड़कें खराब हो रही हैं, यातायात बाधित होता है और आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। ग्रामवासी सीताराम सिंह ने बताया कि उन्होंने कई बार खनिज इंस्पेक्टर और एसडीएम को लिखित एवं मौखिक रूप से शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों के अनुसार, ओवरलोड वाहनों और सड़क पर फैली रेत की वजह से कई हादसे हो चुके हैं, जिनमें लोग घायल भी हुए हैं। इसके बावजूद, जिम्मेदार अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इस लापरवाही से न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान हो रहा है, बल्कि आम जनता की सुरक्षा भी खतरे में है। अकेले कार्रवाई करने में असमर्थ जब खनिज विभाग के इंस्पेक्टर देवेंद्र महोबे से इस मामले पर बात करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कैमरे पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। हालांकि, मौखिक बातचीत में उन्होंने स्वीकार किया कि इस अवैध कारोबार में “बहुत बड़े लोग” शामिल हैं, जिसके कारण वे अकेले कार्रवाई करने में असमर्थ हैं। उन्होंने शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों और कलेक्टर से करने की सलाह दी।


