आगर मालवा जिला अस्पताल परिसर के कैंटीन संचालक विपिन चौहान ने प्रशासनिक अधिकारियों पर मनमानी और तोड़फोड़ करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय में आवेदन दिया है। टेंडर खत्म होने के बाद भी संचालन का दावा विपिन चौहान का कहना है कि उनकी कैंटीन का टेंडर करीब सात महीने पहले समाप्त हो चुका था। इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों ने वैकल्पिक व्यवस्था होने तक उन्हें कैंटीन संचालन जारी रखने को कहा था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सिविल सर्जन के पास जमा उनकी धरोहर राशि अब तक वापस नहीं की गई है। अवकाश के दिन नोटिस और कार्रवाई का आरोप कैंटीन संचालक के अनुसार, उन्हें तहसीलदार कार्यालय से शासकीय अवकाश के दिन नोटिस जारी किया गया था। उन्होंने तय समय सीमा में उसका जवाब भी दे दिया, इसके बावजूद तहसीलदार पुलिस बल और जेसीबी मशीन के साथ कैंटीन परिसर पहुंचे और कार्रवाई की। तोड़फोड़ और सामान जब्त करने का आरोप विपिन चौहान ने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान कर्मचारियों को धमकाया गया और कैंटीन में तोड़फोड़ करने का प्रयास किया गया। साथ ही कैंटीन का सारा सामान जब्त कर लिया गया। उनका कहना है कि उन्हें यह भी नहीं बताया गया कि कितना सामान जब्त किया गया है और उसे कहां रखा गया है। कैंटीन संचालक का कहना है कि इस कार्रवाई से उन्हें दो लाख रुपए से अधिक का आर्थिक नुकसान हुआ है। कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग सोमवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर विपिन चौहान ने आवेदन दिया और कहा कि बिना उचित लिखित सूचना और नियमों का पालन किए की गई यह कार्रवाई गलत है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।


