बालाघाट जिले का गर्रा रेलवे ओवरब्रिज निर्माण अपनी निर्धारित समय सीमा में पूरा नहीं हो सका है। आधिकारिक तौर पर इस ओवरब्रिज का निर्माण कार्य 26 जून 2025 तक पूर्ण होना था, लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए अब इसके वर्ष 2026 में ही पूरा होने की संभावना जताई जा रही है। लगभग 21 करोड़ 67 लाख रुपए की लागत से बन रहा यह ओवरब्रिज 688 मीटर लंबा और 12 मीटर चौड़ा है। निर्माण एजेंसी सेतु संभाग ने कार्य में हो रही देरी के लिए रेलवे विभाग को जिम्मेदार ठहराया है, हालांकि सेतु संभाग का अपना कुछ कार्य भी अभी शेष है। सेतु संभाग के एसडीओ अर्जुनसिंह सनोडिया के अनुसार, उनके विभाग से संबंधित शेष निर्माण कार्य को 31 दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, निर्माण की धीमी गति को देखते हुए कलेक्टर ने पूर्व में रेलवे अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए थे कि रेलवे लाइन पर गर्डर लॉन्चिंग का काम 15 फरवरी तक हर हाल में पूरा किया जाए। रेलवे विभाग का दावा है कि गर्डर मंगवा लिए गए हैं और जल्द ही लॉन्चिंग की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। गर्डर लॉन्चिंग के दौरान रहेगा मेगा ब्लॉक गर्डर लॉन्च करने से पहले रेलवे और जिला प्रशासन ने ब्लॉक निर्माण और मार्ग बंद करने की तैयारियां की हैं। सुरक्षा के मद्देनजर गर्डर लॉन्चिंग के दौरान मेगा ब्लॉक लिया जाएगा, जिससे इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद रहेगा। फिलहाल यातायात व्यवस्था को बनाए रखने के लिए गर्रा रेलवे फाटक से केवल दोपहिया वाहनों को आने-जाने की अनुमति दी गई है। निर्माण कार्य में हो रही देरी हल्के चार पहिया वाहनों के लिए मार्ग परिवर्तित किया गया है। इन वाहनों को वैनगंगा नदी से डेंजर रोड, पॉवर हाउस और आकाशवाणी रोड होते हुए शहर में प्रवेश दिया जा रहा है। निर्माण कार्य में हो रही देरी के कारण स्थानीय लोगों को आवाजाही में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे अब सभी की नजरें फरवरी में होने वाली गर्डर लॉन्चिंग पर टिकी हैं।


