भारतीय रेलवे की अगले 5 वर्षों में प्रमुख शहरों में रेल गाड़ियों की संचालन क्षमता दोगुनी करने की योजना है। इस योजना में उज्जैन शहर भी शामिल है। उज्जैन में धार्मिक पर्यटन की बढ़ रही भीड़ को देखते हुए 11 प्लेटफॉर्म रिटर्न ट्रेनों को खड़ा करने और टर्मिनेट करने की क्षमता विकसित होगी। इंदौर–उज्जैन क्षेत्र में कुल 7 नई पिट लाइनें और 16 नई स्टेबलिंग लाइनों की सुविधा बढ़ाने पर सहमति बनी है जिसके बाद 32 नई ट्रेनों का अवागमन बढ़ जाएगा। रेलवे पीआरओ ने बताया कि उज्जैन मार्ग पर यात्रा की मांग में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए, अगले 5 वर्षों में प्रमुख शहरों की नई रेल गाड़ियों के संचालन की क्षमता को वर्तमान स्तर से दोगुना करना आवश्यक है। आगामी वर्षों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए वर्तमान बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा। वर्ष 2030 तक संचालन क्षमता को दोगुना करने के लिए नियमित रूप कार्य किया जाएगा। उज्जैन, जो धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र है, वहां आगामी सिंहस्थ 2028 को देखते हुए 9 नई स्टेबलिंग/होल्डिंग लाइनों की योजना बनाई गई है। इससे लगभग 11 प्लेटफॉर्म रिटर्न ट्रेनों को खड़ा करने और टर्मिनेट करने की क्षमता विकसित होगी। साथ ही यार्ड रिमॉडलिंग, इलेक्ट्रॉनिक इंटर लॉकिंग का पूरा कर लिया गया है। संभावित अतिरिक्त यात्रियों का समायोजन करने के लिए यात्री होल्डिंग ज़ोन तथा सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा।


