लुधियाना में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने हरियाणा निवासी एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर 4.35 करोड़ रुपए के निवेश धोखाधड़ी मामले को सुलझाया है। हालांकि, उसके कब्जे से कोई पैसा बरामद नहीं हुआ है, लेकिन पुलिस ने उसके कब्जे से दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। 21 जून, 2024 को लुधियाना साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन द्वारा दर्ज किया गया यह पहला मामला था। आरोपी की पहचान हरियाणा के रेवाड़ी निवासी धर्मिंदर कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के क्रमश: सतीश कुमार, वरुण और अभिषेक सहित उसके साथियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उनकी गिरफ्तारी के लिए तलाश जारी है। वॉट्सएप ग्रुप में लोगों को जोड़ कर देता था आरोपी निवेश के टिप्स साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन के एसएचओ इंस्पेक्टर जतिंदर सिंह ने बताया कि मॉडल टाउन के रशपाल सिंह के बयान के बाद एफआईआर दर्ज की गई है। पीड़ित के अनुसार, उसे एक वॉट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया था, जहां आरोपी ने निवेश के टिप्स शेयर किए थे। आरोपी ने उसे ज्यादा मुनाफे का लालच दिया और उसके जरिए निवेश करवाया। आरोपी ने उसे कुछ शेयरों में निवेश करवाया। शुरुआत में आरोपी ने थोड़ा निवेश किया तो उसे मुनाफा हुआ। बाद में आरोपी ने पीड़ित को बड़ा निवेश करवाया और उसे बताता रहा कि उसके शेयर बढ़ रहे हैं। एक बार जब आरोपी ने बड़ा निवेश कर दिया, तो वह गायब हो गया। कंसल्टेंसी के खोले में ट्रांसफर किए रुपए आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 120-बी (आपराधिक साजिश) के तहत एफआईआर दर्ज की गई। इंस्पेक्टर जतिंदर ने बताया कि पुलिस ने पाया कि 4.35 करोड़ रुपए में से 60 लाख रुपए विक्रम कंसल्टेंसी के नाम से खोले गए खाते में ट्रांसफर किए गए थे। यह खाता हरियाणा के महेंद्रगढ़ के विक्रम यादव के नाम पर धर्मेंद्र कुमार ने खोला था। आरोपी द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस ने उसके साथियों के खिलाफ मामला दर्ज किया।


