‘पार्टी के पास जीतू पटवारी के अलावा कोई विकल्प नहीं’:इस्तीफे के दो दिन बाद फिर पीसीसी पहुंचे मुकेश नायक; बोले- नेतृत्व को कमजोर नहीं होने देंगे

एमपी कांग्रेस के मीडिया विभागाध्यक्ष पद से दो दिन पहले इस्तीफा देने के बाद सोमवार को मुकेश नायक फिर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (पीसीसी) पहुंचे। जहां उन्होंने अपने इस्तीफा देने के फैसले और मौजूदा हालातों पर बात की। “पीसीसी हमारा दूसरा घर, 25 साल से आना-जाना है” पीसीसी पहुंचने पर जब मीडिया ने सवाल किया कि इस्तीफा देने के बाद वे फिर कांग्रेस कार्यालय क्यों आए, तो मुकेश नायक ने कहा- “हम फिर से नहीं आए हैं। हम तो 25 साल से यहां आ रहे हैं। यह हमारा दूसरा घर है। पार्टी में गतिरोध पैदा होते हैं और खत्म भी होते हैं, यह हर दल में होता है।” नायक ने स्पष्ट किया कि उनके इस्तीफे को गलत संदर्भों में जोड़ा गया, जबकि उनका उद्देश्य संगठन को नुकसान पहुंचाना नहीं था। इस्तीफे की वजह बताई, ‘नई पीढ़ी को जगह’ की बात दोहराई मुकेश नायक ने बताया कि उन्होंने प्रबंध समिति की बैठक में कहा था कि “नए लोगों के लिए पुराने लोगों को स्थान खाली करना चाहिए। इसी सोच के तहत मैंने इस्तीफा दिया था, लेकिन बाद में कुछ ऐसे संगठनात्मक गतिरोध सामने आए, जिन्हें मेरे इस्तीफे से जोड़ दिया गया और इससे पार्टी को नुकसान पहुंचने लगा। जीतू पटवारी की अपील पर वापस लिया इस्तीफा नायक ने कहा कि इस्तीफे के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी खुद मेरे से मिलने आए और बहुत सरलता से समझाया। “उन्होंने कहा कि पार्टी को नुकसान हो रहा है। नई और पुरानी पीढ़ी का तालमेल जरूरी है। यात्रा अधूरी नहीं छोड़नी है, लक्ष्य तक पहुंचना है।” इसी अपील को स्वीकार करते हुए मैंने अपना इस्तीफा वापस लिया। “कठिन हालात में जीतू पटवारी के अलावा कोई विकल्प नहीं” मुकेश नायक ने दो टूक कहा- “आज मध्यप्रदेश में कांग्रेस का जो नेतृत्व है, वह बेहद सशक्त है। ऐसी कठिन परिस्थितियों में जीतू पटवारी के अलावा पार्टी के पास कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि सड़क की राजनीति, किसान आंदोलन, युवाओं के सवाल, संघर्ष और प्रदेश की सुरक्षा व आधारभूत ढांचे से जुड़े मुद्दों पर जीतू पटवारी के पास स्पष्ट दृष्टि और जवाब हैं। “व्यक्ति से बड़ा विचार, संगठन ही असली ताकत” नायक ने कहा- “व्यक्ति से बड़ा विचार होता है और विचार की बुनियाद राजनीतिक प्रतिबद्धता है। संगठन ही असली शक्ति है।” उन्होंने साफ किया कि वे किसी भी कीमत पर जीतू पटवारी के नेतृत्व को कमजोर नहीं होने देंगे और पार्टी को मजबूती देने के लिए फिर से सक्रिय भूमिका निभाएंगे। नेताओं को असहज करने पर जताया दुख मुकेश नायक ने अपने इस्तीफे से पार्टी नेताओं को हुई असहजता पर अफसोस जताते हुए कहा- “मुझे दुख है कि मेरे इस्तीफे के कारण हमारे नेताओं को परेशानी हुई। इसी वजह से मैंने अपना फैसला बदला।” “25 साल से संघर्ष में हैं, अभी थके नहीं” उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोग- “25 साल से सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं, सत्ता के खिलाफ लड़ रहे हैं, लेकिन न थके हैं और न ही उम्र का असर हमारे विचारों पर पड़ा है।” नायक ने कहा कि कांग्रेस अब जीतू पटवारी के नेतृत्व में मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है। ये खबर भी पढ़ें… कांग्रेस में टैलेंट हंट पर विवाद, मुकेश नायक का इस्तीफा कांग्रेस में टैलेंट हंट पर विवाद, मुकेश नायक का इस्तीफा:मीडिया विभाग के ऑर्डर को प्रभारी ने किया था निरस्त एमपी की सत्ता में वापसी के लिए संघर्ष कर रही कांग्रेस के नेता आपस में ही उलझ रहे हैं। कांग्रेस मीडिया विभाग में टैलेंट हंट के लिए जारी हुई लिस्ट पर मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक और मीडिया डिपार्टमेंट के इंचार्ज अभय तिवारी के बीच इतना विवाद बढ़ा कि मीडिया डिपार्टमेंट के अध्यक्ष मुकेश नायक ने पद से ही इस्तीफा दे दिया। यहां पढ़ें पूरी खबर…

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