मंईयां सम्मान योजना में एंट्री का गेट पिछले 11 महीनों से बंद है, लेकिन एग्जिट का दरवाजा पूरी तरह खुला हुआ है। स्थिति यह है कि जैसे ही किसी लाभुक महिला की उम्र 50 वर्ष पूरी हो रही है, उसका नाम स्वतः पोर्टल से हट रहा है, जबकि 18 वर्ष की नई पात्र महिलाएं योजना में जुड़ ही नहीं पा रही हैं। आंकड़े बताते हैं कि हर महीने न्यूनतम 8 हजार से लेकर अधिकतम 20 हजार तक नाम कट रहे हैं। बीते 11 महीनों में सिर्फ उम्र पूरी होने के कारण 1 लाख 33 हजार 776 लाभुकों के नाम हट चुके हैं। वहीं, राज्यभर में अब भी करीब ढाई लाख नए आवेदन लंबित हैं, जिन्हें पोर्टल पर जोड़ा ही नहीं जा रहा। स्थानीय स्तर पर अधिकारियों का जवाब है कि पोर्टल खराब है, लेकिन जानकारों का दावा है कि नए लाभुकों को जोड़ने पर अघोषित रोक लगा दी गई है। नियम के अनुसार 18 से 50 वर्ष की महिलाएं इस योजना की पात्र हैं, लेकिन हकीकत में केवल बाहर का रास्ता खुला है। वो सब कुछ जो आप जानना चाहते हैं अब तक कटे 5 लाख 63 हजार 791 नाम मुख्यमंत्री ने 6 जनवरी 2025 को योजना की बढ़ी हुई राशि जारी की थी। उस दिन 56 लाख 61 हजार 791 लाभुकों के खाते में 2500 रुपए यानी कुल 1415 करोड़ 44 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। अब तक कई कारणों से 5 लाख 63 हजार 791 नाम हट चुके हैं।


