भास्कर न्यूज | अमृतसर श्री दुर्ग्याणा तीर्थ स्थित वेद भवन में आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा आयोजित आठ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा छठे दिन में प्रवेश कर गई। 5वें दिन कृष्ण जन्मोत्सव की भारी उमंग के बाद, आज छठे दिन भव्य गोवर्धन पूजा की गई। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक छप्पन भोग तैयार कर ठाकुर जी को अर्पित किया। कथा व्यास साध्वी गुरुमयी जी ने आध्यात्मिक दर्शन साझा करते हुए कहा कि पूर्णता के लिए शिव और कृष्ण दोनों का बोध आवश्यक है। उन्होंने समझाया कि शिव भीतर की ऊर्जा और शांति के प्रतीक हैं, जबकि कृष्ण बाहर की अभिव्यक्ति और गतिशीलता सिखाते हैं। शिव यदि सोमनाथ बनकर मन को धूमिल होने से बचाते हैं, तो कृष्ण जगन्नाथ के रूप में मन को प्रफुल्लित करते हैं। साध्वी जी ने जोर दिया कि भगवान के दर्शन के लिए हृदय में व्याकुलता और प्रेम का जागना अनिवार्य है। कथा के दौरान पूरा परिसर भक्तिमय भजनों और जयकारों से गूंज उठा।


