प्रयागराज की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को सशक्त करते हुए महाकुम्भ में मेहंदीपुर बालाजी (दौसा) सेवा शिविर में प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है। महंत डॉ. नरेशपुरी महाराज के सानिध्य में हो रहे अनुष्ठानों का उद्देश्य संगम नगरी प्रयागराज के धार्मिक महत्व को बढ़ाते हुए समाज में आध्यात्मिक चेतना का विस्तार करना है। यहां प्रतिदिन 11 विद्वान ब्राह्मणों द्वारा यजुर्वेद पाठ किए जा रहे हैं, जो ज्ञान, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। इसके साथ ही 108 बार रामचरितमानस पाठ से भगवान श्रीराम की लीलाओं और आदर्शों का प्रचार किया जा रहा है, जो समाज में नैतिकता और आदर्श जीवन मूल्यों को स्थापित करने में सहायक है। महंत डॉ. नरेशपुरी के मार्गदर्शन में यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक अनुभव और पुण्य प्राप्ति का अवसर प्रदान कर रहा है। यहां 21 बार श्रीमद्भागवत पाठ के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और प्रेम का संदेश दिया जा रहा है। सवा लाख बार द्वादश अक्षर मंत्र (ॐ नमो भगवते वासुदेवाय) के जाप से भक्ति, ध्यान और आंतरिक शुद्धि का वातावरण निर्मित होता है। 110 बार हनुमान चालीसा का पाठ श्रद्धालुओं में साहस, शक्ति और भक्ति का संचार करता है। 3100 बार विष्णु सहस्रनाम के पाठ से भगवान विष्णु के हजार नामों के उच्चारण के माध्यम से जीवन में दिव्यता और शांति की अनुभूति होती है। इसके अतिरिक्त, 5100 बार श्रीसूक्त का पाठ माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्ति और समृद्धि के लिए किया जाता है। 2100 बार सुंदरकांड के पाठ से सकारात्मकता, आत्मबल और धर्म की महिमा को प्रचारित किया जा रहा है।


