भास्कर न्यूज | जशपुरनगर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के फरसाबहार, कुनकुरी और मनोरा विकासखंडों में 10-10 बिस्तरों वाले नए पोषण पुनर्वास केंद्रों का शुभारंभ किया। इन तीन नए केंद्रों के शुरू होने के साथ ही जिले में पोषण पुनर्वास केंद्रों की कुल संख्या बढ़कर 6 हो गई है। यह केंद्र गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों के उपचार और पुनर्वास के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और उन्हें सामान्य श्रेणी में लाने में मदद कर रहे हैं। पोषण पुनर्वास केंद्रों का उद्देश्य कुपोषण से जूझ रहे बच्चों को समुचित चिकित्सा, पौष्टिक आहार और सतत देखभाल उपलब्ध कराना है। जिले में पहले से जिला अस्पताल, सिविल अस्पताल पत्थलगांव और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बगीचा में एनआरसी संचालित हैं। बीते एक दशक में इन तीन केंद्रों के माध्यम से लगभग सात हजार कुपोषित बच्चों का सफलतापूर्वक पुनर्वास किया जा चुका है। अब तीन नए केंद्र खुलने से कुपोषित बच्चों के उपचार और पुनर्वास की प्रक्रिया में और तेजी आएगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के सभी प्राथमिक व उप स्वास्थ्य केंद्रों में प्रत्येक बुधवार को बच्चों की विशेष स्वास्थ्य जांच की जाती है। इस दिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्र के कुपोषित बच्चों को स्वास्थ्य केंद्रों के सामान्य ओपीडी में लाती हैं। यहां चिकित्सकों द्वारा बच्चों की जांच कर आवश्यकतानुसार दवाइयां दी जाती हैं। शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरसाबहार परिसर में निर्माणाधीन श्री सत्य साईं मातृत्व-शिशु चिकित्सालय का भी निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री के विशेष प्रयासों से बन रहा यह चिकित्सालय जिले की गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होगा। यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं, आधुनिक तकनीक से जटिल ऑपरेशन और बच्चों के उपचार की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह अस्पताल जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देगा। यदि किसी बच्चे की स्थिति गंभीर पाई जाती है तो उसे पोषण पुनर्वास केंद्र या अस्पताल में भर्ती कर उपचार किया जाता है, जिससे समय पर उचित इलाज मिल सके। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नन्हे बच्चों को पोषण किट और खेलने के लिए खिलौने भी वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जिले में बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जशपुर जिले में मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र, नर्सिंग कॉलेज, फिजियोथेरेपी कॉलेज का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।


