घने कोहरे और कड़ाके की ठंड ने एक बार फिर परिवहन व्यवस्था को बेपटरी कर दिया। दिल्ली सहित पूरे उत्तर भारत में छाए छाए कोहरे का सीधा असर रेल और हवाई यातायात पर पड़ा। हालात यह रहे कि शताब्दी और वंदे भारत सहित करीब दो दर्जन ट्रेनें 2 से 5 घंटे तक देरी से पहुंचीं, जबकि मुंबई जाने वाली फ्लाइट भी 2.30 घंटे लेट रवाना हुई। सोमवार को नई दिल्ली–झांसी रेलखंड पर कोहरे के कारण ट्रेनों की रफ्तार थमी रही। सबसे ज्यादा दिक्कत बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को हुई। ठंड और कोहरे के बीच कई यात्री स्टेशन परिसर में इधर-उधर भटकते रहे। नई दिल्ली से आने वाली गतिमान एक्सप्रेस करीब 2 घंटे की देरी से ग्वालियर पहुंची, जबकि शताब्दी एक्सप्रेस लगभग 3 घंटे लेट रही। मुंबई राजधानी, श्रीधाम, सचखंड, पंजाब मेल, गीता जयंती, छत्तीसगढ़, केरल और तेलंगाना एक्सप्रेस जैसी लंबी दूरी की ट्रेनें भी घंटों पिछड़ती रहीं। झांसी की ओर से आने वाली ट्रेनों की हालत भी अलग नहीं रही। राजधानी, बुंदेलखंड व शताब्दी एक्सप्रेस तय समय से काफी देरी से पहुंचीं। वंदे भारत एक्सप्रेस भी एक घंटे से अधिक विलंबित रही। ग्वालियर से मुंबई जाने वाली फ्लाइट को कोहरे के कारण 2.30 घंटे की देरी से उड़ान भरनी पड़ी। इससे यात्रियों की कनेक्टिंग फ्लाइट्स और आगे की यात्राएं प्रभावित हुईं। यात्री करा रहे टिकट कैंसिल
लगातार हो रही देरी के चलते ई-टिकट व विंडो टिकट का कैंसिलेशन भी बढ़ गया है। अनुसार करीब 65 फीसदी यात्री ई-टिकट से सफर कर रहे हैं और ट्रेन 4 से 5 घंटे लेट होने पर बड़ी संख्या में टिकट रद्द कराए जा रहे हैं। नियम के तहत तीन घंटे से अधिक देरी पर पूरा रिफंड यात्रियों को मिलता है। ट्रेनें लेट होने के कारण यात्रियों का यात्रा का पूरा शेड्यूल बिगड़ गया है।


