वजन तौलने वाली मशीन के साथ छेड़छाड़ कर 1 किलो के रुपए लेकर 900 ग्राम सामान देने वाले दुकानदार अब ऐसा नहीं कर पाएंगे। ये वादा और दावा है राज्य उपभोक्ता मामलात विभाग का। दरअसल, राजस्थान सरकार जल्द ही प्रदेश के हर गांव-शहर में राज्य सरकार द्वारा एप्रूव्ड नाप-तौल परीक्षण केंद्र (GATC सेंटर) खोलने वाली है। इन नाप-तौल परीक्षण केंद्र से सरकार न सिर्फ हजारों स्किल्ड और योग्य युवाओं के लिए कमीशन बेस पर रोजगार के नए अवसर पैदा करने वाली है, बल्कि करोड़ों रुपयों का नया सरकारी राजस्व भी हासिल करेगी। राज्य उपभोक्ता मामलात विभाग ने डिपार्टमेंट लेवल पर तैयारी पूरी कर ली है। सभी नियम-कायदों और शर्तों का मसौदा प्रस्ताव बनाकर अप्रूवल के लिए लॉ डिपार्टमेंट को भेजा गया है। अप्रूवल आते ही इसे जल्द ही अमलीजामा भी पहना दिया जाएगा। हर ब्लॉक में कम से कम एक सेंटर खोलेंगे
सरकार प्रदेश में नाप-तौल परीक्षण केंद्र (GATC) खोलने की जिम्मेदारी टेंडर प्रक्रिया अपनाते हुए निजी क्षेत्र की किसी थर्ड पार्टनर कंपनी को देने की तैयारी में है। वही थर्ड पार्टनर कंपनी हर ब्लॉक लेवल तक राज्य सरकार द्वारा एप्रूव्ड कम से कम एक नाप-तौल परीक्षण केंद्र (GATC सेंटर) खोलेगी। शहरी निकाय क्षेत्रों में इनकी संख्या ज्यादा हो सकती है। थर्ड पार्टी कंपनी ही इन अप्रूव्ड नाप-तौल परीक्षण केंद्र पर काम आने वाली सभी मशीनरी और संसाधन उपलब्ध करवाएगी। इन्हें संचालित करने के लिए बेसिक योग्यता वाले युवाओं को ट्रेनिंग देगी और उनके साथ कमीशन बेस प्रॉफिट शेयर पर काम करेगी। अप्रूव्ड मशीनों से टेस्टिंग की जाएगी
इन सेंटर्स पर सभी प्रकार के बाटों और मापों की अप्रूव्ड मशीनों से टेस्टिंग की जाएगी। टेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक उपयोग से जुड़ा लाइसेंस भी इश्यू किया जाएगा। बाटों और मापों पर अप्रूव्ड और रिजेक्शन की मुहर के साथ सर्टिफिकेशन भी किया जाएगा। इतना ही नहीं इन सभी का रिन्युअल भी इन्हीं सेंटर्स पर करवाया जा सकेगा। इन सभी कामों के लिए दुकानदार या व्यापारी को निर्धारित फीस सेंटर पर देनी होगी। इसी फीस में से सेंटर संचालन करने वाले युवा को उसका फिक्स कमीशन मिलेगा। ये ठीक वैसे ही होगा जैसे फिलहाल राजस्थान में ईमित्र सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। खुद दुकान जाकर बाट-मापों की टेस्टिंग
नापतौल सेंटर खुद चलकर व्यापारी या दुकानदार तक पहुंचेंगे और वहां सभी प्रकार के बाटों और मापों की अप्रूव्ड मशीनों से टेस्टिंग की जाएगी। टेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक उपयोग से जुड़ा लाइसेंस भी इश्यू किया जाएगा। बाटों और मापों पर अप्रूव्ड और रिजेक्शन की मुहर के साथ सर्टिफिकेशन भी किया जाएगा। ये ठीक वैसे होगा जैसे मोबाइल वैन में बैठकर गाड़ी का पॉल्यूशन टेस्ट कर सर्टिफिकेट दिया जाता है। हालांकि अभी जब तक लॉ डिपार्टमेंट से मंजूरी नहीं मिल जाती है तब तक इस पर अमल नहीं होगा। इन मशीनों को वेरिफाई कर सकता है GATC सेंटर नियम और शर्तें तय की जा रही हैं
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि नाप-तौल परीक्षण केंद्र (GATC सेंटर) न सिर्फ सरकार के लिए बड़े राजस्व का जरिया बनेंगे, बल्कि हजारों स्किल्ड और ट्रेंड युवाओं के लिए रोजगार का जरिया भी बनेंगे। राज्य उपभोक्ता मामलात विभाग की निदेशक पूनम प्रसाद सागर ने बताया कि फिलहाल हम स्टेट के अनुसार हमारे आइडिया को लेकर नियम-कायदे और शर्ते बना रहे हैं। डिपार्टमेंट लेवल पर इसे अंतिम रूप देकर लॉ डिपार्टमेंट में मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेज दिया गया है।


