गुना के 26 मजदूरों को महाराष्ट्र में बनाया बंधक:600 रुपए मजदूरी का दिया था झांसा; प्रशासन ने रेस्क्यू कर वापस बुलाया

गुना जिले के कई गांवों से महाराष्ट्र ले जाकर बंधक बनाए गए 26 मजदूरों को प्रशासन ने मुक्त करा लिया है। इन श्रमिकों को एक दलाल के जरिए गन्ने की कटाई के लिए ले जाया गया था, जहां उन्हें बंधक बना लिया गया। वहां न तो उन्हें मजदूरी दी जा रही थी और न ही घर वापस आने दिया जा रहा था। सूचना मिलने पर कलेक्टर के निर्देश पर श्रम विभाग की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और सभी को सकुशल वापस ले आई। जानकारी के अनुसार, जिले के अमरोद, उमरी, सिरसी और परसोदा गांव के सहरिया समाज के लोगों को मजदूरी के लिए महाराष्ट्र ले जाया गया था। उमरी गांव के दलाल बंटी सहरिया ने मजदूरों की बात महाराष्ट्र के रघुनाथ से कराई थी। उन्हें गन्ने की कटाई के लिए प्रतिदिन 600 रुपए मजदूरी का झांसा दिया गया था, जिसके बाद वे महाराष्ट्र चले गए। सिर्फ खाना देते थे, पैसे नहीं महाराष्ट्र पहुंचने पर मजदूरों से दिनभर खेतों में गन्ने की कटाई कराई जाती थी। बदले में उन्हें सिर्फ खाना दिया जाता था, लेकिन मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा था। उन्हें अपनी मर्जी से वापस लौटने की भी अनुमति नहीं थी। किसी तरह उन्होंने गुना प्रशासन से संपर्क किया। श्रम विभाग ने किया रेस्क्यू मामले की जानकारी मिलते ही कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने श्रम विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए। श्रम पदाधिकारी आशीष तिवारी, श्रम निरीक्षक रामkumar चौदहा और मयंक भार्गव ने संबंधित जिलों और विभागों से समन्वय कर सभी 26 श्रमिकों को सकुशल गुना वापस बुलाया। दलालों पर होगी सख्त कार्रवाई गुना लौटने के बाद सभी श्रमिक कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर से मुलाकात की। कलेक्टर ने श्रम विभाग को निर्देश दिए हैं कि इस मामले में शामिल दलालों और मध्यस्थों के खिलाफ श्रम कानूनों के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

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