सोमवार को राजधानी में खाद्य प्रसंस्करण, उद्यानिकी और सामाजिक न्याय मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने अपने विभागों का दो साल का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखा। उन्होंने कहा कि गत दो वर्षों में उद्यानिकी फसलों का रकबा 25.12 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 28.29 लाख हेक्टेयर हो गया है। उत्पादन 389.10 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 425.68 लाख मीट्रिक टन पहुंच गया है। मंत्री से सवाल हुआ कि लाड़ली बहना जैसी योजनाओं में सक्षम लोगों को 1500 रुपए महीना पेंशन मिल रही है, जबकि बुजुर्ग और दिव्यांगों को महीने के सिर्फ 600 रुपए मिलते हैं। इस पर मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद पेंशन बढ़ाने का प्रस्ताव वित्त को भेज दिया गया था। अभी सहमति नहीं मिली है। नए बजट में पेंशन बढ़ जाएगी। साल 2022 में ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड के गठन का प्रस्ताव आने के बाद भी बोर्ड का गठन नहीं होने पर मंत्री ने कहा कि इसकी औपचारिकताएं हो गई हैं। एक हफ्ते में इसका गठन हो जाएगा। प्रदेश के 55 कॉलेजों को पीएम एक्सीलेंस में परिवर्तित किया : परमार भोपाल| प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक यानी कुल 55 कॉलेजों को ”पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस” के रूप में परिवर्तित किया गया है। इसके लिए 336 करोड़ रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है और 1845 नए पद सृजित किए गए हैं। मप्र में डिग्री कॉलेजों, आयुष कॉलेजों के रिक्त पदों को लगातार भरा जा रहा है और बाकी पदों को भी जल्दी भरा जाएगा। यह बात उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कही। वे मोहन सरकार के दो साल पूरे होने पर उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और आयुष विभाग की उपलब्धियों पर मीडिया से चर्चा कर रहे थे। परमार ने बताया कि स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन योजना के तहत 378 रोजगारोन्मुखी कार्यक्रमों के जरिए 16 हजार से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया। इसमें से 1655 विद्यार्थियों को प्लेसमेंट मिल गया। वीआईटी की जांच पूरी, सीएम को भेजी रिपोर्ट : परमार ने बताया कि पिछले दिनों सीहोर के के वीआईटी में हुए हंगामे की उच्च शिक्षा विभाग ने पूरी जांच कर ली और अपनी अनुसंशा के साथ रिपोर्ट मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भेज दी है। पीएम एक्सीलेंस कॉलेज की अब तक मैपिंग नहीं हो सकी है, पद भी खाली पड़े हैं, इस पर परमार ने कहा कि पद भरे जा रहे हैं।


