रतलाम में आदिवासियों की जमीन बेचने की अनुमति पर क्लीनचिट:आईपीएस वीरेंद्र मिश्रा दिल्ली में गृह मंत्रालय में पदस्थ, आईएएस कटेसरिया अपर सचिव बने

रतलाम में आदिवासियों की भूमि बिक्री की अनुमति देने के मामले में राज्य प्रशासनिक सेवा के साल 2000 बैच के अधिकारी कैलाश बुंदेला को क्लीनचिट मिल गई है। बुंदेला को इसी साल आईएएस अवॉर्ड भी मिल चुका है। वहीं, एक अन्य आदेश में सामान्य प्रशासन विभाग में पदस्थ उप सचिव अजय कटेसरिया को अपर सचिव पद पर पदोन्नत किया गया है। दूसरी ओर, एमपी कैडर के आईपीएस अधिकारी वीरेंद्र कुमार मिश्रा की पदस्थापना दिल्ली में गृह मंत्रालय में की गई है। दिल्ली में पदस्थ हुए आईपीएस वीरेंद्र मिश्रा केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी आदेश के अनुसार, एमपी कैडर के 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी वीरेंद्र कुमार मिश्रा की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए गृह मंत्रालय द्वारा अनुशंसा की गई थी। इसके तहत केंद्रीय भर्ती योजना (सेंट्रल स्टाफिंग स्कीम) के अंतर्गत मिश्रा को गृह मंत्रालय, नई दिल्ली में उप सचिव पद पर चार वर्ष की अवधि के लिए नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति 31 दिसंबर 2025 को अथवा उससे पूर्व कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होगी। इसके पश्चात उन्हें 1 जनवरी 2026 से 31 दिसंबर 2029 तक गृह मंत्रालय में निदेशक पद पर नियुक्त किया जाएगा। राज्य सरकार को निर्देश दिए गए हैं कि मिश्रा को तत्काल कार्यमुक्त किया जाए, ताकि वे दिल्ली में अपना नवीन कार्यभार ग्रहण कर सकें। कटेसरिया बने अपर सचिव, बुंदेला के खिलाफ जांच समाप्त दूसरी ओर, सामान्य प्रशासन विभाग ने जीएडी में पदस्थ उप सचिव अजय कटेसरिया के खिलाफ चल रही जांच समाप्त होने के बाद उन्हें अपर सचिव पद पर पदोन्नत किया है। कटेसरिया को मैट्रिक्स लेवल-13 में पदोन्नति देते हुए उप सचिव से अपर सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग बनाया गया है। उन्हें यह पदोन्नति 1 जनवरी 2025 से प्रभावी मानी जाएगी, जिसके आदेश 18 दिसंबर को जारी किए गए हैं। इसी क्रम में एक अन्य आदेश के तहत साल 2000 बैच के राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी कैलाश बुंदेला के विरुद्ध चल रही विभागीय जांच भी बिना किसी दंड के समाप्त कर दी गई है। बुंदेला के खिलाफ रतलाम जिले में अपर कलेक्टर पद पर पदस्थापना के दौरान आदिवासियों की भूमि से जुड़े मामलों में अनियमितता के आरोपों को लेकर जांच शुरू की गई थी। आरोप था कि उन्होंने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आदिवासियों के हितों की अनदेखी करते हुए भूमि बिक्री की अनुमति दी। जांच समाप्त होने के बाद बुंदेला को प्रवर श्रेणी वेतनमान से वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान में क्रमोन्नति प्रदान की गई है और उन्हें मैट्रिक्स लेवल-15 में पदोन्नत किया गया है। इसके साथ ही उनका नाम अब उनसे कनिष्ठ अधिकारी संजय कुमार जैन (वर्तमान मऊगंज कलेक्टर) के नाम से वरिष्ठता सूची में ऊपर आ जाएगा।

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