भास्कर न्यूज | कवर्धा/बेमेतरा सोमवार से कबीरधाम व बेमेतरा जिले के सरकारी विभागों के कर्मचारियों ने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन शुरू कर दिए है। हड़ताल के पहले ही दिन कबीरधाम व बेमेतरा कलेक्ट्रेट समेत ज्यादातर दफ्तर में सन्नाटा पसरा रहा। इसके चलते दफ्तरों में कामकाज ठप रहा। वहीं, जरूरी काम से ऑफिस पहुंचे लोग भटकते नजर आए। कबीरधाम जिले के कर्मचारी कवर्धा के राजीव गांधी पार्क पर धरना देकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किए। हड़ताल मंगलवार व बुधवार को भी जारी रहेगी। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण कामकाज प्रभावित हो रहा है। स्थिति ऐसी है कि कबीरधाम जिले के तहसील व एसडीएम कार्यालय में आय, जाति, निवास समेत अन्य प्रकार के 300 से ज्यादा मामले पेंडिंग है। इसके अलावा राजस्व कोर्ट में 3 हजार 959 मामले पेंडिंग है। इन आवेदनों की सुनवाई के लिए लोग पहुंचे हुए थे। लेकिन, सभी कार्यालय में कर्मचारी-अधिकारी नहीं थे। कबीरधाम के फेडरेशन अध्यक्ष अर्जुन चंद्रवंशी ने कहा कि, वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। लेकिन, शासन के अड़ियल रवैए के कारण कर्मचारियों आक्रोश है। सरकार ने बार-बार आश्वासन तो दिए, लेकिन धरातल पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। यही वजह है आंदोलन करने का ऐलान किया है। यह हड़ताल कल बुधवार तक जारी रहेगा। इससे कामकाज ठप रहेगा। जरूरी काम से पहुंचे लोग भटकते नजर आए कर्मचारियों के हड़ताल का असर पहले ही दिन दिखा। सोमवार को कलेक्ट्रेट सहित सभी सरकारी ऑफिस में कर्मचारी गायब रहे। इस दौरान सरकारी कामकाज ठप रहा। अपने जरूरी काम से पहुंचे लोग भटकते नजर आए। उनका कहना था कि, वो कई दिन से काम के लिए चक्कर काट रहे हैं। अब हड़ताल के चलते उन्हें भटकना पड़ रहा है। वहीं, दूसरी ओर इन कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारी धरने में बैठे थे। इसकी वजह से लोग परेशान हुए। बेमेतरा में कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से सरकारी दफ्तरों में सन्नाटा पसरा रहा। कलेक्ट्रेट परिसर, तहसील कार्यालय, जिला मुख्यालय के अन्य सरकारी दफ्तर में काम नहीं हो सका। इसके अलावा एसडीएम कार्यालय साजा, नवागढ़, बेरला व यहां के तहसील कार्यालय में बंद की स्थिति रहीं। कुछ विभाग में संविदा कर्मचारियों द्वारा सरकारी कामकाज निपटाए गए। सोमवार को लोग अपने कामकाज को लेकर कार्यालय पहुंचे थे मायूस लौटे। केंद्र सरकार के समान कर्मचारियों व पेंशनरों को देय तारीख से महंगाई भत्ता लागू किया जाए। कर्मचारियों को चार स्तरीय समयमान वेतनमान दिया जाए। लिपिक, शिक्षक, स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास विभाग समेत विभिन्न संवर्ग की वेतन विसंगतियों को दूर करने पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक किया जाए। प्रथम नियुक्ति तारीख से सेवा गणना करते हुए संपूर्ण सेवा लाभ दें । पंचायत सचिवों का शासकीयकरण हो । दैनिक, अनियमित, संविदा कर्मचारियों को नियमित करें।


