बलौदाबाजार में कर्मचारी फेडरेशन का आंदोलन शुरू:11 सूत्रीय मांगों को लेकर तालाबंदी, सरकारी कामकाज बंद

बलौदाबाजार में कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन का तीन दिवसीय आंदोलन मंगलवार से शुरू हो गया। अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मचारियों ने दशहरा मैदान में प्रदर्शन किया, जिसके चलते सभी शासकीय कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा। फेडरेशन की प्रमुख मांगों में केंद्र सरकार के समान कर्मचारियों और पेंशनरों को महंगाई भत्ता (DA) प्रदान करना शामिल है। इसके अलावा, सरकार द्वारा पांच वर्षों से नहीं दी गई एरियार्श की राशि को जीपीएफ खाते में समायोजित करने की मांग की गई है। वेतन विसंगति दूर करने की मांग कर्मचारियों को चार स्तरीय समयमान वेतनमान देने और प्रदेश के लिपिक, शिक्षक, स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास विभाग सहित अलग-अलग संवर्गों की वेतन विसंगति दूर करने के लिए पिंगुवा कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की भी मांग की गई है। सहायक शिक्षकों और पशु चिकित्सा अधिकारियों को अभी तक तृतीय समयमान वेतनमान नहीं मिला है, जबकि अन्य विभागों को यह दिया जा चुका है। अनुकंपा नियुक्ति नियमों में 10 प्रतिशत सीलिंग में शिथिलीकरण, प्रदेश में कैशलेस सुविधा लागू करने और अर्जित अवकाश नकदीकरण मध्य प्रदेश की तर्ज पर 300 दिन करने की मांग भी शामिल है। दैनिक, नियमित और संविदा कर्मियों को नियमित करने के लिए ठोस नीति बनाने तथा सभी विभागों में समानता लाते हुए सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष करने की मांग भी उठाई गई है। 2 साल बाद भी वादा पूरा नहीं फेडरेशन के संयोजक एल. एस. ध्रुव ने बताया कि ‘मोदी की गारंटी’ के तहत सरकार ने मांगों को पूरा करने का वादा किया था। दो साल बीत जाने के बाद भी सरकार कर्मचारियों-अधिकारियों पर ध्यान नहीं दे रही है, जिससे उनमें भारी आक्रोश है। यह आंदोलन कर्मचारियों के तीसरे चरण का हिस्सा है, जिसके तहत आज पूरे प्रदेश भर में शंखनाद किया गया है।

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