लखनऊ का हार्मनी म्यूजिक पार्क 18 और 19 जनवरी को एक रंगीन सांस्कृतिक उत्सव का गवाह बनेगा। लखनऊ विकास प्राधिकरण और ‘द लोक लैब’ द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय कार्यक्रम में संगीत, नृत्य, कविता और कला का समागम होगा। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कला और संस्कृति के माध्यम से शहर के लोगों को जोड़ना और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजना है। पहले दिन की खास झलकियां 18 जनवरी को कार्यक्रम की शुरुआत म्यूजिकल मेडिटेशन से होगी, जहां सरोद की धुन पर ओम मंत्र का जाप किया जाएगा। इसके बाद त्रिसामा आर्ट फाउंडेशन द्वारा प्रभाती संगीत प्रस्तुत किया जाएगा। “भारतीय ज्ञान प्रणाली” पर आधारित एक पैनल चर्चा आयोजित की जाएगी।भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ, तबला समूह की प्रस्तुति देगा, वहीं वाराणसी से राघवेंद्र मोहन वीणा की धुनों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे। भोजपुरी लोकगीतों की मिठास लेकर रांची के चंदन तिवारी मंच पर आएंगे, जबकि मुंबई के कविश सेठ और वासु की संगीतमय प्रस्तुति शाम को खास बनाएगी। दूसरे दिन की खासियत 19 जनवरी को चार कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा, जिसमें संगीत दर्शन, श्रवण सत्र और लयबद्ध कार्यशालाएं शामिल हैं। इस दिन कवि मंच, लोक संगीत और बैंड परफॉर्मेंस जैसे कार्यक्रम दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। इसके अलावा, संगीतकारों के साथ टेबल डूडल और तस्वीरों की प्रदर्शनी जैसे नवाचार भी उत्सव का हिस्सा होंगे।स्थानीय कलाकारों को मिलेगा मंचइस आयोजन में स्थानीय कलाकारों को अपनी कला और प्रतिभा दिखाने का भी विशेष अवसर मिलेगा। यह उत्सव न केवल मनोरंजन का जरिया बनेगा, बल्कि लखनऊ की सांस्कृतिक विविधता और एकता को भी उजागर करेगा। लखनऊ विकास प्राधिकरण के इस आयोजन को लेकर शहरवासियों में खासा उत्साह है। यह संगीत और कला उत्सव लखनऊवासियों के लिए एक यादगार अनुभव साबित होगा।


