रिम्स इमरजेंसी में लगातार बेड की कमी की समस्या आ रही है। ठंड के कारण भी मरीजों की संख्या बढ़ी है। प्राइवेट हॉस्पिटल से भी रेफर केस आ रहे हैं। जिससे रिम्स पर लोड बढ़ा है। इसे देखते हुए रिम्स प्रबंधन ने बेड बढ़ाने को लेकर कई अहम निर्णय लिए हैं। पहले क्रिटिकल केयर और इमरजेंसी में सिर्फ 50 बेड थे। लेकिन अभी दोनों मिलाकर 130 बेड फंक्शनल हैं। अब रिम्स की पुरानी इमरजेंसी को फिर से मेडिकल इमरजेंसी में बदला जाएगा। ऑन्कोलॉजी ब्लॉक के चौथे तल्ले में 98 बेड की सुविधा बढ़ाई जाएगी। पहले तल्ले के कॉटेज में 14 बेड लगाए जाएंगे, जिसमें से 7 में ऑक्सीजन पाइपलाइन की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा 16 बेड का एक्सटेंशन पेइंग वार्ड में किया जा रहा है। इसका कोई चार्ज मरीज से नहीं लिया जाएगा। स्टेट कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। आईसीयू में भी 26 बेड बढ़ाए जा रहे हैं, कुल 184 बेड बढ़ाए जाएंगे। इससे बहुत हद तक बेड की कमी दूर हो सकेगी। इसके अलावा ट्रॉमा इमरजेंसी के पहले तल्ले में भी बेड बढ़ाने की तैयारी है। रिम्स के डायरेक्टर ने गुरुवार को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान यह जानकारी दी। 51 करोड़ की मशीनें खरीदी जाएंगी रिम्स प्रबंधन ने पिछले साल ही मरीजों को बेहतर जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 51 करोड़ रुपए की कई मेडिकल उपकरणों का ऑर्डर दिया है। इनमें रेडियोलॉजी की चार, एमआरआई की नई मशीन, सीआर्म मशीन, एक्सरे मशीन और पोर्टेबल एक्सरे मशीन जैसे महत्वपूर्ण उपकरण शामिल हैं। इन्हें जल्द ही स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा मैनपावर भी बढ़ाया जाएगा। 80% दवाएं उपलब्ध कराएगा रिम्स निदेशक डॉ. राजकुमार ने बताया कि रिम्स में मरीजों को दवा की कमी नहीं होगी। मरीजों को अस्पताल में ही 80 फीसदी से अधिक दवाएं उपलब्ध होंगी। ऐसी इंवेंट्री तैयार की जा रही है, जिससे दवाओं का स्टॉक दिखता रहेगा। कम होते ही एक सप्ताह पहले दवाइयों की खरीदारी कर ली जाएगी। निदेशक ने बताया कि मरीजों को दवा खरीदकर भी देने की तैयारी की जा रही है। स्पेशल स्क्वॉड रात में करेगी निगरानी, 1100 सीसीटीवी कैमरे भी लगेंगे रिम्स में मरीजों से पैसे लेकर बेड देने की शिकायतें आ रही थीं, जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने एक स्पेशल स्क्वॉड बनाया है, जिसमें डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, एक क्लीनिकल कंसल्टेंट, दो गनर होमगार्ड, दो सादी वर्दी में होमगार्ड और एक जवान राउंड लगाएंगे। जो गलत गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें पकड़ेंगे। साथ ही सुरक्षा और निगरानी के दृष्टिकोण से 1100 नए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। हर गतिविधि पर नजर रखने के साथ गलत काम करने वालों पर कार्रवाई भी की जाएगी।


