धर्माबांध में हिंसक झड़प व एसडीपीओ पर हमले का मुख्य आरोपी कारू यादव, उसका भतीजा रोशन यादव, रिश्तेदार नरेश यादव और खास गुर्गा बजरंगी पासवान उर्फ धर्मेंद्र कुमार को गुरुवार को पुलिस ने कोर्ट में प्रस्तुत किया। कोर्ट ने सभी का जेल भेजा दिया। जेल भेजने से पूर्व कारू की निशानदेही पर पुलिस ने उसके मार्केट के पीछे स्थित एक कार्यालय से 7.86 लाख रुपए और दूसरे कार्यालय से देसी पिस्टल और बम बरामद किए। वहीं रोशन की निशानदेही पर आशाकोठी से कट्टा मिला। वहीं, कारू यादव का जहां आतंक था, जेल भेजने से उस इलाके में हथकड़ी लगाकर पुलिस ने उसका जुलूस निकाला। एसएसपी एचपी जनार्दनन ने बताया कि कारू व रोशन को जमुई से गिरफ्तार किया गया है। रोशन ने ही एसडीपीओ पर पत्थर से हमला किया था। घटना का कारण वर्चस्व स्थापित करना था। पूछताछ में कारू ने अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। अवैध कमाई से करोड़ों की संपत्ति बनाई, रिटर्न में 10 लाख बताई अवैध कोयला और अन्य गैरकानूनी धंधों से कारू ने अकूत संपत्ति अर्जित की है। आसनसोल में प्रॉपर्टी खरीदी है। लखीसराय के परूई में अपनी ससुराल, नवादा में भी काफी पैसे लगाए हैं। यही नहीं, जहां हिंसक झड़प हुई, उसके पास फोरलेन पर लगभग पांच एकड़ जमीन खरीद रखी है। इन सभी संपत्तियों के बारे में पुलिस पता लगाने का काम कर रही है। वहीं कारू ने इनकम टैक्स रिटर्न में अपनी सालाना आमदनी लगभग 10 लाख बताई है। 11 प्राथमिकियां, 120 आरोपी, 45 से पूछताछ, 18 को जेल एसएसपी ने बताया कि दोनों घटनाओं में करीब 120 नामजद आरोपी हैं। पुलिस कार्रवाई के दौरान 45 को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इनमें कारू सहित 18 को जेल भेजा गया। कारू की निशानदेही पर उसके कार्यालय से पिस्टल और बम की बरामदगी में अलग से प्राथमिकी दर्ज की गई है। अब तक कुल 11 प्राथमिकियां दर्ज हुई हैं। कारू को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी पुलिस कारू के खिलाफ अलग-अलग थानों में कुल 37 प्राथमिकियां पूर्व से ही दर्ज हैं। वहीं धर्माबांध में हिंसक झड़प और एसडीपीओ पर हमले के बाद अब तक 11 नई प्राथमिकियां दर्ज हुई है, जिसमें कारू नामजद आरोपी है। पुलिस पूर्व में दर्ज केसों के बारे में पता लगा रही है। कारू को रिमांड पर लेकर पुलिस पूछताछ करेगी। आउटसोर्सिंग कंपनी की भी भूमिका की जांच एसएसपी ने कहा कि धर्माबांध हिंसक झड़प में आउटसोर्सिंग कंपनी की भूमिका की जांच की जा रही है। झड़प में संलिप्तता मिलने पर कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने के लिए बीसीसीएल के वरीय अधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा। अनुसंधान में जो भी दोषी मिलेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।


