राज्य के सरकारी कार्यालयों के बाहर मेधा डेयरी बूथ लगाए जाएंगे। कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग इसे लेकर सरकार से स्थल मुहैया कराने का अनुरोध करेगा। इसका उद्देश्य राज्य के अंदर मेधा डेयरी को बढ़ावा देना और उसका प्रचार-प्रसार करना है। पशुपालन निदेशालय, हेसाग में गुरुवार को झारखंड मिल्क फेडरेशन के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने उक्त निर्देश दिए। बैठक के दौरान शहरी क्षेत्र में स्कूलों के बाहर मेधा डेयरी के अस्थाई बूथ लगाए जाने पर भी चर्चा हुई। कहा गया कि स्कूली बच्चों के बीच मेधा डेयरी के उत्तम उत्पाद उपलब्ध कराए जाएंगे। मंत्री ने कहा कि फेडरेशन के साथ-साथ डेयरी कॉपरेटिव सोसाइटी का गठन किया जाए। ये झारखंड के लिए सफल साबित होगा। ऐसा करके ग्रामीण स्तर पर लोगों को जोड़ा जा सकता है। मांडर, चान्हो, बेड़ो में भी बूथ खोलने का निर्देश मंत्री ने रांची के मांडर, चान्हो, बेड़ो प्रखंड में भी मेधा डेयरी का बूथ खोलने का निर्देश दिया है। सरायकेला-खरसावां जिले में डेयरी प्लांट के लिए स्थल चयन का निर्देश मंत्री ने दिया। पशुपालन विभाग के द्वारा संचालित फॉर्मर ट्रेनिंग सेंटर को आवासीय बनाने की बात कही। मंत्री ने कहा कि आवासीय ट्रेनिंग सेंटर रहने से 200 से 300 किसानों की ट्रेनिंग हो सकेगी। गो सेवा आयोग के साथ एक कार्यशाला आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया।


