भास्कर न्यूज | राजिम कौन्दकेरा राजिम थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत देवरी में सोमवार सुबह सड़क किनारे एक युवक की लाश मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। मृतक की पहचान चितेश्वर उर्फ चंद्रहास तारक (25), निवासी देवरी के रूप में हुई। जांच में सामने आया कि युवक की बेरहमी से हत्या कर शव को करीब 100 मीटर तक घसीटते हुए मेन रोड पर फेंका गया था। सड़क पर घसीटने के स्पष्ट निशान और अलग-अलग स्थानों पर सिर का क्षत-विक्षत हिस्सा मिला, जिससे हत्या की क्रूरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। बताया जा रहा है कि मृतक चंद्रहास तारक गांव में दहशत का पर्याय बना हुआ था। वह कई मामलों में जेल जा चुका था और लोगों को डराने-धमकाने का काम करता था। उसकी दहशत के कारण ग्रामीण थाने में शिकायत दर्ज कराने से भी कतराते थे। सूचना मिलते ही राजिम पुलिस मौके पर पहुंची। नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर स्वयं देवरी गांव पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। मौके पर फॉरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य एकत्र किए। घटना के दिन गांव में मड़ाई मेला आयोजित था, लेकिन इस जघन्य हत्या के चलते मेले की रौनक फीकी पड़ गई। गरियाबंद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर इस अंधे हत्याकांड का खुलासा कर दिया। 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मृतक के पिता गोपी राम तारक (58) की रिपोर्ट पर थाना राजिम में अपराध दर्ज किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, 28 दिसंबर 2025 की रात करीब 11 बजे गांव के ही 11 लोगों ने एक राय होकर मृतक को घर से जबरन घसीटते हुए कोपरा से बोरसी रोड किनारे ले गए, जहां लाठी-डंडा और पत्थरों से पीट-पीटकर हत्या की। गिरफ्तार आरोपियों में करण साहू, नोहर विश्वकर्मा, विमलेश साहू, थानचंद साहू, सुनील साहू, शिव साहू, गजेन्द्र साहू, लक्ष्मीचंद सतनामी, भुरू उर्फ ओमप्रकाश सतनामी, उमाशंकर यादव, अक्षय साहू शामिल हैं। पुलिस के अनुसार मृतक चंद्रहास उर्फ चंदु तारक थाना राजिम का गुंडा बदमाश था, जिसके विरुद्ध: मारपीट व चोरी के 8 मामले थे। 9 प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई थी।


