सीधी के संजय टाइगर रिजर्व क्षेत्र से जुड़ा सोमवार का एक वायरल वीडियो फर्जी निकला है। इस AI जनरेटेड क्लिप में चलती ट्रेन में तेंदुए के हमले का दावा किया गया था, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। संजय टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने इस वीडियो का खंडन किया है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में दिखाया गया था कि जबलपुर से सिंगरौली जा रही एक इंटरसिटी ट्रेन में एक तेंदुआ यात्रियों पर हमला कर रहा है। क्लिप में तेंदुआ चार से पांच बार लोगों पर झपटता और एक व्यक्ति को घसीटते हुए ले जाता दिख रहा था, जिससे उसकी मौत होने का दावा किया गया। चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल वीडियो में यात्रियों की चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल भी दिखाया गया था। इस क्लिप के वायरल होने के बाद संजय टाइगर रिजर्व से सटे इलाकों, खासकर जोबा गांव के निवासियों में डर का माहौल बन गया। कई लोगों ने इसे वन्यजीवों के बढ़ते खतरे से जोड़ते हुए प्रशासन पर सवाल उठाए। डीएफओ ने वीडियो को बताया फर्जी मझौली जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम जोबा की निवासी अनुसूईया द्विवेदी ने कहा कि ऐसे वीडियो क्षेत्रवासियों के मन में दहशत फैलाते हैं। उन्होंने प्रबंधन से ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सतर्क रहने की अपील की। हालांकि, संजय टाइगर रिजर्व के डीएफओ राजेश कन्ना टी ने इस वायरल वीडियो को पूरी तरह फर्जी बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से बनाया गया है और इसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। डीएफओ के अनुसार, उनके क्षेत्र या किसी ट्रेन में इस प्रकार की कोई घटना नहीं हुई है।डीएफओ ने यह भी बताया कि तेंदुआ इतनी तेज रफ्तार से नहीं दौड़ सकता और न ही बार-बार इस तरह से हमला करता है, जैसा वीडियो में दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि यह वीडियो केवल लोगों में डर फैलाने के उद्देश्य से बनाया और साझा किया गया है।


